West Bengal

भारतीयों ने साबित किया कि चीनी उत्पादों का बहिष्कार उनका जनादेश है : सुभाष अग्रवाला

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Raniganj : भारत ने चीन और चीनी सरकार के ग्लोबल टाइम्स अख़बार के सभी लंबे दावों के बावजूद, अप्रैल से अगस्त तक की अवधि में चीन से आयात को बड़ी मात्रा में कम किया है.

कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज़ (कैट) ने कहा कि चीन से आयात की इस कमी ने चीनी अख़बार ग्लोबल टाइम्ज़ के मुंह पर ज़ोरदार तमाचा मारा है क्योंकि इसी ग्लोबल टाइम्ज़ ने यह लिखा था की चीन के सामान के आयात कम करने की भारत की हैसियत नहीं है.

कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज़ (कैट) गत 10 जून से भारत में चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का एक बड़ा अभियान चला रहा है जिसकी सफलता इस कमी से दिखाई देती है. कल संसद में यह जानकारी दी गयी कि अप्रैल से अगस्त के दौरान चीन से भारत का आयात 27.63 प्रतिशत घट गया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 21.58 बिलियन डॉलर था.

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कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने इसे चीन के दुष्चक्र से भारतीय व्यापार को मुक्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि हम चीन से त्यौहार के सामान के आयात को रोकने के लिए चीन को एक और झटका देने के लिए तैयार हैं.

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दिवाली सहित आगामी त्यौहारों पर प्रति वर्ष लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का सामान चीन से आता है जो इस बार बिलकुल नहीं आएगा. भरतिया और खंडेलवाल दोनों ने कहा कि चीन से आयात में इतनी बड़ी कमी चीन के खिलाफ भारत के लोगों की मनोदशा और भावनाओं को दर्शाती है.

लेकिन दुर्भाग्य से कुछ मशहूर हस्तियों के समूह हैं जो चीनी ब्रांडों का समर्थन करके या चीन के निवेश वाली कंपनियों के मुखपत्र बनने के लिए चीन को बढ़ावा दे रहे हैं. वे पैसे कमाने के लिए अधिक परेशान हैं और भारत के लोगों की भावनाओं की परवाह नहीं करते हैं.

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भरतिया और खंडेलवाल दोनों ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान लोकल पर वोकल और आत्मनिर्भर भारत ने इस कमी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. कैट ने सरकार द्वारा चीनी सामानों को रोकने के लिए विभिन्न अन्य कदमों के लिए भी बधाई दी, व्यापारियों ने चीनी सामानों को बेचने से रोका और भारत के लोगों को चीनी सामानों के बजाय भारतीय वस्तुओं को पसंद करना शुरू किया. यह सिलसिला जारी रहेगा.

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