न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

वर्ल्ड कप के लिए इंडियन टीम इंग्लैंड रवाना, कोहली ने कहा कि पहले सेकेंड से ही होगा दबाव

809

Mumbai: भारतीय कप्तान विराट कोहली का मानना है कि राउंड रोबिन प्रारूप में दमदार प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ खेलने से आगामी विश्व कप बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया है. और इसमें पहली गेंद से ही जुझारू बने रहना उनकी टीम के लिये अहम होगा.

इससे पहले दो विश्व कप में खेल चुके कोहली ने कहा कि उनके लिये आराम का कोई समय नहीं है. क्योंकि उन्हें शुरू में ही चार कड़े मैच खेलने हैं. 30 मई से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए रवाना होने से पहले इंडियन टीम के कैप्टन कोहली ने मीडिया से बात की.

‘हर सेकेंड होगा प्रेशर’

विश्व कप में 1992 के बाद पहली बार राउंड रोबिन प्रारूप अपनाया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक टीम हर टीम से भिड़ेगी. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच जून को अभियान शुरू करने के बाद भारत नौ जून को आस्ट्रेलिया, 13 जून को न्यूजीलैंड और 16 जून को पाकिस्तान से भिड़ेगा.

कोहली ने टीम रवानगी से पूर्व संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘निजी तौर पर यह बेहद चुनौतीपूर्ण विश्व कप होगा. जिसका मैं हिस्सा बनूंगा, क्योंकि टीमें बेहद मजबूत हैं और प्रारूप भी अलग है. अगर आप अफगानिस्तान की 2015 की टीम और अब की टीम को देखोगे तो वह पूरी तरह से बदली हुई टीम है.’

उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी टीम किसी को भी हरा सकती है. यह बात हमारे दिमाग में है. हमारा ध्यान अपनी सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलने पर होगा. आपको हर मैच में अपनी क्षमता का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा क्योंकि यहां ग्रुप चरण जैसी स्थिति नहीं है.’’

कोहली ने कहा, ‘प्रत्येक टीम से एक बार खेलना सभी टीमों के लिये बहुत अच्छा है. यह अलग तरह की चुनौती होगी और हर टीम को तेजी से सामंजस्य बिठाना होगा.’’

‘हमें अपना बेस्ट देना है’

टीम के पहले चार मैचों के बारे में कोहली ने कहा, ‘‘इससे हमारे लिये लय बनेगी. हर किसी को अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा और पहले मैच से ही प्रबल बने रहना होगा. आत्ममुग्धता के लिये कोई स्थान नहीं है और इसलिए यह विश्व कप और सबसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है.’’
उन्होंने कहा, ‘हम मैदान पर कदम रखते ही इस तरह के दबाव की उम्मीद कर रहे हैं. हम खुद को यह नहीं सोचने देंगे कि पहले सप्ताह के बाद हम दबाव की स्थिति महसूस करेंगे. आपको मैच वाले दिन शत-प्रतिशत तैयारी के साथ मैदान पर उतरना होगा और वहां से लय बनानी होगी. यही चुनौती है.’’

कोहली ने कहा, ‘‘अगर आप फुटबाल के शीर्ष क्लबों को देखो तो वे चाहे प्रीमियर लीग हो या ला लिगा, तीन चार महीनों तक अपनी जुझारूपन बनाये रखना होगा. फिर हम ऐसा क्यों नहीं कर सकते. अगर हमने लय पकड़ ली और हम अपनी निरंतरता बनाये रखते हैं तो हमें पूरे टूर्नामेंट में इसे बरकरार रखना चाहिए.’’

‘वर्ल्ड कप में बदल सकती हैं चीजें’

इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच हाल की श्रृंखला में बड़े स्कोर देखने को मिले, लेकिन कोहली ने कहा कि विश्व कप में चीजें बदल सकती हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘जैसा मैंने कहा कि पिचें बहुत अच्छी होंगी. यह गर्मियों का समय है और परिस्थितियां शानदार होंगी. हम बड़े स्कोर वाले मैचों की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन द्विपक्षीय श्रृंखला की तुलना विश्व कप से नहीं की जा सकती है. यह अलग तरह का है.’

कोहली ने कहा, ‘‘इसलिए हम 260-270 वाले मैचों की उम्मीद भी कर सकते हैं. हम विश्व कप में हर तरह की परिस्थिति की उम्मीद कर सकते हैं.’ कोहली ने कहा कि उनका गेंदबाजी आक्रमण चुनौती के लिये तैयार है.

उन्होंने कहा, ‘‘टीम में शामिल सभी गेंदबाज, यहां तक कि आईपीएल में भी 50 ओवर की क्रिकेट के लिये खुद को तैयार कर रहे थे. आपने सभी गेंदबाजों को गेंदबाजी करते हुए देखा होगा. कोई भी चार ओवर करने के बाद थका हुआ नहीं दिखा. सभी तरोताजा है. उनके दिमाग में शुरू से ही यही बात रही कि 50 ओवरों के मैच के लिये तैयार रहना है.’’

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकट लगातार गहराता जा रहा है. भारत के लोकतंत्र के लिए यह एक गंभीर और खतरनाक स्थिति है. कारपोरेट तथा सत्ता संस्थान मजबूत होते जा रहे हैं. जनसरोकार के सवाल ओझल हैं और प्रायोजित या पेड या फेक न्यूज का असर गहरा गया है. कारपोरेट, विज्ञानपदाताओं और सरकारों पर बढ़ती निर्भरता के कारण मीडिया की स्वायत्तता खत्म सी हो गयी है. न्यूजविंग इस चुनौतीपूर्ण दौर में सरोकार की पत्रकारिता पूरी स्वायत्तता के साथ कर रहा है. लेकिन इसके लिए आप सुधि पाठकों का सक्रिय सहभाग और सहयोग जरूरी है. हमने पिछले डेढ़ साल में बिना दबाव में आए पत्रकारिता के मूल्यों को जीवित रखा है. पत्रकारिता के इस प्रयोग में आप हमें मदद करेंगे यह भरोसा है. आप न्यूनतम 10 रुपए और अधिकतम 5000 रुपए का सहयोग दे सकते हैं. हमारा वादा है कि हम आपके विश्वास पर खरा साबित होंगे और दबावों के इस दौर में पत्रकारिता के जनहितस्वर को बुलंद रखेंगे.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता…

 नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक कर भेजें.
%d bloggers like this: