न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

भारतीय अप्रवासी दुनिया में नंबर वन, 2018 में स्वदेश अपने परिजनों को भेजे 79 बिलियन डॉलर

भारतीय विदेश मंत्रालय की वेबसाइट एमईए डॉट जीओवी डॉट इन के अनुसार 30,995,729 भारतीय विदेश में रहते हैं जिसमें 13,113,360 एनआरआई हैं और जबकि 17,882,369 पीआईओ कार्डधारक हैं.

46

UN :  संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के अनुसार दुनियाभर में करीब 20 करोड़ लोग आजीविका के लिए दूसरे देशों में जाते हैं और उनकी ओर से की गयी कमाई से उनके परिजनों में शामिल करीब 80 करोड़ लोगों को फायदा होता है. इनमें से आधे से ज्यादा की आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है जो इन पैसों के आने से अपना जीवन स्तर सुधारती है. बच्चों का भविष्य सुधरता है, साथ ही गरीबी और भुखमरी कम होती है. यह दिन इन्हीं 20 करोड़ आबादी को सम्मान देने के मकसद से 16 जून को इंटरनेशनल डे ऑफ फैमिली रीमिटन्स (IDFR) मनाया जाता है.

राज्यसभा :  चुनाव आयोग की अधिसूचना से कांग्रेस परेशान,  गुजरात में बिगड़ जायेगा गेम, SC जा सकती है कांग्रेस
Trade Friends

अप्रवासियों ने 2018 में भेजे  4,80,8 अरब रुपये

फरवरी, 2015 में इंटरनेशनल फंड ऑफ एग्रीकल्चर डेवलपमेंट (IFAD) में शामिल सभी 176 देशों की ओर से इंटरनेशनल डे ऑफ फैमिली रीमिटन्स (IDFR) मनाने का फैसला लिया गया और इसे पास कराने के लिए 2016 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के पास भेजा गया. 13 मई 2018 को संयुक्त राष्ट्र ने इस अंतरराष्ट्रीय दिवस पर अपनी रजामंदी दे दी और इसके लिए 16 जून का दिन मुकर्रर किया गया.

वर्ल्ड बैंक की तरफ से इसी साल अप्रैल में जारी रिपोर्ट के अनुसार अप्रवासियों की ओर से दुनियाभर में भेजा जाने वाला धन 2018 में 689 अरब डॉलर (आज की तारीख में करीब 4,80,81,45,16,00,000 रुपये) पर पहुंच गया जबकि 2017 में यह 633 अरब डॉलर (4,41,73,52,52,00,000 रुपये) पर था. विकासशील देश ही नहीं  बल्कि इसमें विकसित देशों में उनके नागरिकों की ओर से भेजा जाने वाली राशि भी शामिल है.

इससे पहले 2017 में 20 करोड़ अप्रवासियों ने कमाई कर करीब 481 बिलियन डॉलर (3,35,62,97,75,00,000 रुपये) अपने परिजनों के पास भेजे, जिसमें अकेले विकासशील देशों के पास 466 बिलियन डॉलर (3,25,16,31,50,00,000 रुपये) भेजे गये . इस समय अप्रवासियों की ओर से सबसे ज्यादा पैसा भारत में ही भेजा जाता है.

WH MART 1
इसे भी पढ़ेंः छत्तीसगढ़ पुलिस ने बिस्किट कारखाने से 26 बाल मजदूरों को मुक्त कराया , झारखंड के बच्चे भी शामिल  

भारत ने 2018 में भी पहला स्थान बरकरार रखा

विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश में बसे भारतीयों की ओर से प्रेषित धन को रिसीव करने के मामले में भारत ने 2018 में भी अपना पहला स्थान  बरकरार रखा है. विश्व बैंक की यह रिपोर्ट कहती है कि अप्रवासी भारतीयों की ओर से पिछले साल 79 बिलियन डॉलर (आज की तारीख में करीब 55,10,64,50,00,000 रुपए) भारत भेजे गये थे. भारत के बाद चीन का नंबर आया और यहां पर 67 बिलियन डॉलर (46,75,09,25,00,000 रुपये) अप्रवासी चीनियों की ओर से अपने देश भेजा गया था. दक्षिण अमेरिकी देश मैक्सिको (36 बिलियन डॉलर), फिलीपींस (34 बिलियन डॉलर) और मिस्र (29 बिलियन डॉलर) के साथ शीर्ष 5 देशों की सूची में शामिल रहा.

 भारत में हर साल बढ़ रही राशि

पिछले तीन सालों में भारत की स्थिति (विदेश से धन भेजने के मामले में) मजबूत होती जा रही है. 2016 में रैमिटेंस की स्थिति 62.7 बिलियन डॉलर थी जो 2017 में बढ़कर 65.3 बिलियन डॉलर हो गयी थी और अब 2018 में 79 बिलियन डॉलर हो गयी. 2017 की एक रिपोर्ट के अनुसार 1.7 करोड़ से अधिक भारतीय विदेश में नौकरी के लिए अप्रवास करते हैं. भारतीय विदेश मंत्रालय की वेबसाइट एमईए डॉट जीओवी डॉट इन के  अनुसार  30,995,729 भारतीय विदेश में रहते हैं जिसमें 13,113,360 एनआरआई हैं और जबकि 17,882,369 पीआईओ (पर्सन्स ऑफ इंडियन ओरिजन) कार्डधारक हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like