न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाक की जवाबी कार्रवाई का सामना करने को तैयार थी भारतीय सेना : पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा

1,874

NewDelhi : नॉर्दर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग रहे लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा ने कहा  कि  2016 में की गयी सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान भारतीय सेना पाकिस्तान की संभावित जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह से तैयार थी.  एलओसी पार कर भारतीय सैनिकों द्वारा किये गये इस ऑपरेशन के इंचार्ज रहे लेफ्टिनेंट जनरल के अनुसार अगर पाकिस्तान कोई भी कार्रवाई करता तो उसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत हर तरह से तैयार था. बता दें  कि नॉर्दर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग रहे लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा ने ही इस सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाई थी और उनकी देखरेख में इसे अंजाम दिया गया. उनके अनुसार सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान यदि कोई कार्रवाई करता तो हमें क्या करना है, हम इसके लिए पहले से तैयार थे. डीएस हुड्डा ने कहा कि कई क्षेत्रों में हमें क्या-क्या करना है, हमने इसका प्लान बना लिया था. हुड्डा ने इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी. बता दें कि उड़ी हमले के 11 दिन बाद 28-29 सितंबर 2016 की रात भारतीय सेना के कमांडोज ने एलओसी पार की थी.

इसे भी पढ़ें –  इंटरपोल ने नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया : सीबीआई

भारतीय जवानों ने पाक के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के कई लॉन्च पैड्स ध्वस्त कर दिये

भारतीय जवानों ने पाक के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के कई लॉन्च पैड्स ध्वस्त कर दिये थे. इस  कार्रवाई में 30-70 आतंकी मारे गये थे. हुड्डा ने कहा कि  मेरे दिमाग में यह बिल्कुल स्पष्ट था कि सर्जिकल स्ट्राइक के कारण दोनों देशों के बीच जंग नहीं होने जा रही है. ऐसा नहीं होगा क्योंकि पाकिस्तान की सेना की ताकत उस लिहाज से सीमित है. हां, सीमा पर कुछ इलाकों में गोलाबारी जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं, यह हमारे दिमाग में था. हुड्डा ने कहा कि यह पहली बार नहीं था जब भारतीय सेना ने एलओसी पार कर कोई ऑपरेशन किया हो. वास्तव में यह सीमित दायरे में रहते हुए नियमित तौर पर किया जाता है.  हालांकि हुड्डा यह भी मानते हैं कि 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक पहले के ऑपरेशनों से कुछ मायनों में काफी अलग थी. उन्होंने कहाऐसा वर्षों से किया जा रहा है. इस बार यह बड़े स्केल पर किया गया था और सबसे खास बात कि सरकार ने खुद यह स्वीकार करने का फैसला किया कि हां हमने किया है. जब भी पहले सर्जिकल स्ट्राइक की गयी तो हमने कभी स्वीकार नहीं किया था.

इसे भी पढ़ें –  अर्थव्यवस्था बदहाल, सरकार सिर्फ प्रचार का तमाशा कर रही है : येचुरी

यह काफी जोखिम भरा ऑपरेशन था

स्ट्राइक की योजना बनाने वाले हुड्डा कहते हैं कि यह काफी जोखिम भरा ऑपरेशन था और वह इस बात को लेकर चिंतित थे कि कुछ भी गलत न हो. चिंता इस बात को लेकर थी कि कहीं कोई सैनिक पकड़ा न जाये या अगर कोई सैनिक जख्मी या शहीद होता है तो उसे कैसे निकाला जायेगा. हालांकि इसके लिए भी पूरी प्लानिंग की गयी थी और ऐसी परिस्थिति में जवानों की एक दूसरी टुकड़ी फंसे हुए जवानों को निकालने के लिए तैयार बैठी थी.
पाकिस्तान ने सर्जिकल स्ट्राइक को मानने से इनकार कर दिया पर हुड्डा ने कहा, इसके फौरन बाद हम उनकी बातचीत को सुन रहे थे, सीमा के उसपार काफी उथल-पुथल मची हुई थी. उन्होंने छुट्टियां रद्द कर दीं, हाई अलर्ट कर दिया गया. वे एक दूसरे से कह रहे थे कि भारतीय सैनिक एक बार फिर आ सकते हैं.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं. 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: