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भारतीय सेना के अधिकारी इजराइल में हवाई हमलों से सुरक्षा की ट्रेनिंग लेंगे

 भारतीय सेना के अधिकारी इजराइल जा रहे हैं. खबरों क अनुसार चार अधिकारी  जनवरी माह में इज़राइल में एक साल की ट्रेनिंग लेंगे. उनकी ट्रेनिंग किसी भी हवाई हमले से निबटने के लिए होगी

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 NewDelhi :  भारतीय सेना के अधिकारी इजराइल जा रहे हैं. खबरों क अनुसार चार अधिकारी  जनवरी माह में इज़राइल में एक साल की ट्रेनिंग लेंगे. उनकी ट्रेनिंग किसी भी हवाई हमले से निबटने के लिए होगी. इस क्रम में उऩ्हें आधुनिक मिसाइलों की ट्रेनिंग दी जायेगी. बता दें कि सेना के ये अधिकारी उस टीम का हिस्सा होंगे जो आर्मी एयर डिफेंस यानी एडीडी को अत्याधुनिक बनाने की योजना की पहली कड़ी होंगे. जानकारी के अनुसार भारतीय वायुसेना फ़ाइटर जेट की कमी को देखते हुए अपने सैनिक ठिकानों को दुश्मनों के हवाई हमलों से सुरक्षा देने के लिए आर्मी एयर डिफेंस को अगले 10 साल में अलग-अलग रेंज के कई मिसाइल सिस्टम ख़रीदने की तैयारीकर रही है.  भारतीय सेना की कॉर्प्स ऑफ आर्मी एयर डिफेंस दुश्मन की तरफ़ से किये जाने वाले कम ताक़त के हवाई हमलों ख़ासतौर पर 5000 फीट से नीचे से होने वाले हमलों से सुरक्षा देती हैं. वर्तमान समय इस तरह के हमलों का खतरा ज्यादा बढ़ गया है. हवाई हमले के लिए छोटे हवाई जहाज और ड्रोन का इस्तेमाल होना आम बात हो गयी है. बता दें कि आर्मी एयर डिफेंस फििलहाल ऐसे हमलों का सामना करने के लिए L-70 और ZU-23 एंटी एयरक्रॉफ्ट गन का इस्तेमाल करती है. लेकिन ये सिस्टम काफ़ी पुराने हो चुके हैं.

बराक 8 मिसाइल सिस्टम  भारत और इजराइल ने मिलकर बनाया है

आर्मी एयर डिफेंस आगे बढ़ते हुए टैंकों को भी दुश्मन के हेलीकॉप्टर या ड्रोन के हमले से सुरक्षा देती है,  जिसके लिए तुंगुश्का, शिल्का और ओसा जैसे ट्रैक पर चलने वाले भारी हथियारों का भी इस्तेमाल करती है. लेकिन ये हथियार केवल टैंकों की रेजीमेंट्स के साथ ही होते हैं.  ऐसे में अपने ठिकानों की सुरक्षा के लिए आर्मी एयर डिफेंस को आधुनिक हथियारों की ज़रूरत है. आर्मी एयर डिफेंस को आकाश मिसाइल्स की चार रेजीमेंट लैस करने की योजना है जिसमें से एक रेजीमेंट ने अपनी तैनाती पूरी कर ली है. लेकिन आर्मी एयर डिफेंस को जिस हथियार का इंतजाार है वो है बराक 8 मिसाइल सिस्टम जिसे भारत और इज़राइल ने मिलकर बनाया है.   बराक 8 मिसाइल 500 मीटर से 100 किमी तक की दूरी से किसी भी हवाई हमले को नाकाम कर सकती हैं.  चीन वायुसेना की बढ़ती हुई ताक़त और भारतीय वायुसेना में फ़ाइटर जेट्स की घटती तादाद की वजह से आर्मी एयर डिफेंस को मजबूत बनाने के लिए बड़ी योजना बनायी गयी है.

सूत्रों के अनुसार 2027 तक आर्मी एयर डिफेंस के लिए कई तरह की लंबी, मध्यम और छोटी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों के अलावा बहुत कम समय में तैनात होने वाली मिसाइलों की खरीदी की बड़ी योजना है. इसी संदर्भ में आर्मी एयर डिफेंस अपने अधिकारियों और सैनिकों प्रशिक्षित करने की तैयारी में है. इजराइल से लौटकर अधिकारी ट्रेनर्स की भूमिका में होंगे.

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