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भारतीय सेना ने चीनी सैनिक को पकड़ा, तो सहमा चीन, ग्लोबल टाइम्स के सुर नरम पड़े…लिखा, सैनिक को  लौटाने से विश्वास बढ़ेगा

ग्लोबल टाइम्स ने सुर बदलते हुए लिखा है कि भारत बॉर्डर पर खोये इस सैनिक को जल्द ही लौटा सकता है. इससे दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ेगा. 

  NewDelhi : भारतीय सेना द्वारा लद्दाख के डेमचॉक इलाके से 19 अक्टूबर को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में कॉरपोरल के पद पर तैनात एक सैनिक को पकड़े जाने पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में हलचल मच गयी है. इस संबंध में बार-बार जंग की धमकी देने वाले चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स की आवाज बदली हुई नजर आ रही है. ग्लोबल टाइम्स ने सुर बदलते हुए लिखा है कि भारत बॉर्डर पर खोये इस सैनिक को जल्द ही लौटा सकता है. इससे दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ेगा.

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चीनी सैनिक को ऑक्सीजन, भोजन और गर्म कपड़े  मुहैया कराये गये

भारसीय सेना के अनुसार चीनी सैनिक की पहचान कॉर्पोरल वांग या लान्ग के रूप में की गयी है. चीनी सैनिक को ऑक्सीजन, भोजन और गर्म कपड़े सहित जरूरी चिकित्सा सहायता मुहैया करायी गयी है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूछताछ के बाद मौजूदा प्रक्रिया के तहत उसे चीन के हवाले कर दिया जायेगा.

जान लें कि दोनों देशों के बीच मई में शुरू हुए गतिरोध के बाद भारत और चीन ने डेमचोक सेक्टर सहित पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर 50,000 से अधिक सैनिक तैनात किये हैं.   भारत को अति आत्मविश्वासी और अमेरिका के इशारों पर चलने वाला करार देने वाले ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि चीन और भारत सैनिक के वापसी के मुद्दे पर लगातार बातचीत कर रहे हैं. चीन और भारत इस मुद्दे को सुलझाने की ओर बढ़ रहे हैं.   

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इन इलाकों में सैनिकों का खो जाना आम बात है

ग्लोबल टाइम्स का मानना है कि सैनिक की वापसी से सीमावर्ती क्षेत्रों में नये संघर्ष पर लगाम लगेगी. लिखा कि चीन और भारत इसके कई हिस्सों के साथ अलग-अलग कारणों से निर्जन सीमा साझा करते हैं. संकेतक या उचित उपकरण के बिना इन इलाकों में खो जाना आम बात है. बता दें कि चीनी की सरकारी मीडिया ने सिंघुआ विश्वविद्यालय में नेशनल स्ट्रेटजी इंस्टीट्यूट में अनुसंधान विभाग के निदेशक कियान फेंग के हवाले से दावा किया कि दोनों पक्षों के खोये हुए सैनिकों से संबंधित कई ऐसी ही घटनाएं पहले भी हुई हैं.

 ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि चीन और भारत ने पिछले सप्ताह वरिष्ठ कमांडरों की बैठक के 7 वां दौर पूरा किया है. चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने  बैठक को सकारात्मक और रचनात्मक करार दिया.  चीन और भारत ने अब तक इस घटना से निपटने के लिए सही प्रक्रिया का पालन किया है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस घटना से दोनों पक्षों के बीच जारी बातचीत पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा. दोनों पक्ष मिलकर इस घटना को सुलझाने और लापता सैनिकों को वापस भेजने के लिए काम कर रहे हैं.  हालांकि, सीमा विवाद के कारण दोनों देशों में तनाव अब भी जारी है.

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