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#IndiaFightsCorona: बोकारो के आलीशान होटलों को क्वॉरेंटाइन सेंटर्स में बदला गया, झारखंड का ऐसा पहला शहर

Divy khare

Bokaro: कोरोना वायरस के बचाव की तैयारियां जोरो पर हैं. सरकार की सजगता और अधिक से अधिक क्वॉरेंटाइन यूनिट्स की व्यवस्था करने का  प्रयास जारी है. इसी बीच बोकारो प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है.

शहर के जितने भी नामी-गिरामी होटल्स है सबको पेड क्वॉरेंटाइन सेंटर्स के रूप में डेवलप कर दिया है. कुछ होटलों और मैरिज हॉल को अनपेड क्वॉरेंटाइन सेंटर्स में तब्दील कर दिया है. बोकारो झारखंड का पहला ऐसा शहर है जहां ऐसी व्यवस्था की गयी है.

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डिप्टी कमिश्नर मुकेश कुमार ने कहा कि कोविड-19 के संभाव्य प्रसार को देखते हए बाकारो जिले में इसके प्रसार को रोकने के लिए इसके रोकथाम एवं निवारण के उपायों को अपनाना आवश्यक हो गया है.

कोरोना वायरस के रोकथाम हेतु बोकारो जिला के अन्तर्गत होटलों को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 30 ( 2) (25) (24) के अन्तर्गत प्रदत शक्तियों का उपयोग करते हुए संभाव्य (Quarantine) आश्रय स्थलों की व्यवस्था करने हेतु निर्धारित दरों पर होटलों में अवस्थित कमरों को आरक्षित करने का आदेश दिया गया है.

जिला प्रशासन ने 1000 प्रतिदिन की निर्धारित दर पर 10 शानदार होटलों की व्यवस्था की है. वही निशुल्क सेवाओं के लिए मैरिज हॉल और दो होटलों की भी व्यवस्था की है.

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किस होटल में कितने रूम की व्यवस्था

इन होटलों में तीन सितारा होटल हंस रीजेंसी (40 रुम), ब्लू डायमंड (15), होटल क्लासिक (52), होटल जिंजर (14), रिलायंस होटल (14), वीना रीजेंसी (32), वैभव होटल (26), नीलकमल (25), प्रभात प्लेस (16) और होटल राजदूत (30) ने पे-एंड रूम का उपयोग करने के लिए सहमति व्यक्त की है.

प्रशासन के प्रयास से इन होटलों ने अपने महंगे अलीशान कमरे महज 1000 रुपये प्रतिदिन पर देने के लिए राजी हो गए हैं. वही होटल क्लासिक ने अपने कमरे  का जहां 750 रुपये रखा है, प्रभात होटल प्रति दिन 500 रुपये में कमरे दे रहा है.

भोजन, नाश्ते के लिए अलग से पांच सौ रुपये

डीसी ने बताया कि सरकारी क्वॉरेंटाइन सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद, प्रशासन ने होटल की व्यवस्था की है जहा निर्धारित दर देकर सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं.

“जिन लोगों को इन होटलों का उपयोग करने की आवश्यकता होगी, उन्हें प्रति दिन 1000 रुपये की दर का भुगतान करना होगा, जबकि 500 ​​रुपये नाश्ते, रात के खाने और दोपहर के भोजन के लिए अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा. ”

मुकेश कुमार ने कहा की होटल के मालिकों के साथ बैठक कर प्रशासनिक अधिकारियों ने कमरे का दर निर्धारित किया है. भोजन अतिरिक्त दर पर अन्य एजेंसी (सर्किट हाउस) द्वारा दिन में तीन बार 500 रुपये में परोसा जायेगा.

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किसी आगंतुक से नहीं मिल सकेंगे

स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार, इन होटलों पर आवश्यक व्यवस्था की जा रही है.  इन होटलों में हाउसकीपिंग और रूम सर्विस के कर्मचारी मेहमानों की सेवा करते हुए मास्क और दस्ताने पहनेंगे।  डॉक्टरों, पैरा-मेडिकल स्टाफ, नर्सों या अधिकृत अधिकारियों के अलावा किसी भी आगंतुक को होटल के अंदर किसी व्यक्ति से मिलने की अनुमति नहीं होगी.

राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार, 14-दिवसीय क्वॉरेंटाइन अवधि के पूरा होने के बाद, व्यक्ति को स्वास्थ्य विभाग से अनुमति के बाद ही छोड़ने की अनुमति होगी. यह निर्णय क्वॉरेंटाइन केंद्रों की बढ़ती मांग को देखते हुए लिया गया था. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कमरों में संलग्न बाथरूम की सुविधा होनी चाहिए.

एक अधिकारी ने कहा कि कमरे में फर्श और अन्य सतहों को ब्लीच के घोल से साफ किया जायेगा, जबकि गंदे लिनन, कपड़े, तौलिया और अन्य का उपयोग करने के बाद कीटाणुरहित किया जायेगा और उसे ठीक से धोकर धूप में सुखाया जायेगा.

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