न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पत्रकारों के लिए भारत विश्व का पांचवां असुरक्षित देश, टॉप पर अफगानिस्तान

1,953

NW Desk: पत्रकारों के लिए भारत विश्व का पांचवां असुरक्षित देश है. अफगानिस्तान इस सूची में टॉप पर है. रिपोर्ट्स विदआउट बॉर्डर की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है. इस लिस्ट में पहली बार अमेरिका भी शामिल हुआ है. और वो भी पांचवे पायदान पर है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और अमेरिका में पत्रकार की हत्या तब हुई है, जब वहां किसी तरह का कोई युद्ध या विवाद नहीं था. भारत और अमेरिका के अलावा इस लिस्ट में यमन, मैक्सिको, सीरिया और अफगानिस्तान शामिल है.

2018 में भारत में बढ़ी घटनाएं

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल पूरे दुनिया भर में 80 पत्रकारों की हत्या या उनके पेशे की वजह से मौत हुई है. इन 80 में से 63 पेशेवर पत्रकार थे. इसके अलावे इस साल 348 पत्रकारों को हिरासत में लिया गया था और 60 पत्रकारों का अपहरण हुआ, वहीं तीन लापता हैं. पूरी दुनिया में मारे गए 80 पत्रकारों में से 49 की हत्या सिर्फ इसलिए हुई क्योंकि उनकी रिपोर्टिंग की वजह से ऊंची आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक ताकत रखने वाले या अपराधी संगठन को नुकसान पहुंच रहा था.

वही बात करें भारत की तो, रिपोर्ट्स विदआउट बॉर्डर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 2018 में 6 पत्रकार मारे गए. जबकि कई पत्रकारों पर जानलेवा हमले हुए. इसके अलावे कई पत्रकारों के साथ मारपीट हुई या फिर उन्हें धमकी दी गई. भारत के कई पत्रकारों को अपने खिलाफ हेट कैंपेन का भी सामना करना पड़ा.

WH MART 1

टॉप पर अफगानिस्तान

2018 में मारे गए पत्रकारों की संख्या सबसे ज्यादा अफगानिस्तान में रही है. इस साल अफगानिस्तान में 15 पत्रकारों की हत्या हुई. सीरिया में 11, मैक्सिको में नौ, यमन में आठ, जबकि अमेरिका में भारत जितने छह पत्रकार मारे गए हैं. हालांकि, इराक इस लिस्ट से बाहर रहा है. इराक में इस साल एक भी पत्रकार नहीं मारा गया है. ऐसा 2003 के युद्ध के बाद से पहली बार हुआ है.

इसे भी पढ़ेंः32 की बजाए 27 हो सिविल सर्विसेज में जनरल के लिए अधिकतम उम्र सीमा: नीति आयोग

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like