न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

स्विस बैंकों में जमा पैसों के हिसाब से 73वें स्थान पर पहुंचा भारत

1,824

New Delhi : स्विस बैंकों में किसी देश के नागरिक और कंपनियों द्वारा धन जमा कराने के मामले में 2017 में भारत 73 वें स्थान पर पहुंच गया. इस मामले में ब्रिटेन शीर्ष पर बना हुआ है. वर्ष 2016 में भारत का स्थान इस मामले में 88 वां था. उल्लेखनीय है कि हाल में जारी स्विस नेशनल बैंक की एक रपट के अनुसार, 2017 में स्विस बैंकों में भारतीयों की जमा राशि में 50% की वृद्धि हुई है और यह करीब 7,000 करोड़ रुपये हो गयी. 2016 में इसमें 44% की गिरावट आयी थी और भारत का स्थान 88 वां था. गौरतलब है कि वर्ष 1996 से 2007 के बीच भारत इस सूची में शीर्ष 50 देशों में शामिल था. उसके बाद 2008 में वह 55 वें , 2009 और 2010 में 59 वें , 2011 में 55 वें , 2012 में 71 वें और 2013 में 58 वें स्थान पर रहा.

इसे भी पढ़ें- जल, जंगल, जमीन किसी के लिए नारा होगा लेकिन यह हमारे लिए अमानत है : रघुवर दास

72 स्थान पर पाकिस्तान

इस सूची में पड़ोसी देश पाकिस्तान का स्थान भारत से एक ऊपर यानी 72 वां हो गया है. हालांकि यह उसके पिछले स्थान से एक कम है क्योंकि उसके द्वारा जमा किए जाने वाले धन में 2017 के दौरान 21% कमी आयी है. स्विस नेशनल बैंक की रपट में इस धन को उसकी ग्राहकों के प्रति देनदारी के रुप में दिखाया गया है. इसलिए यह स्पष्ट नहीं होता कि इसमें से कितना कथित कालाधन है.
स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक द्वारा इन आधिकारिक आंकड़ों को सालाना आधार पर जारी किया जाता है. इन आंकड़ों में भारतीयों , अनिवासी भारतीयों और अन्य द्वारा अन्य देशों से इकाइयों के नाम पर जमा कराया गया धन शामिल नहीं है.

इसे भी पढ़ें- रघुवर सरकार के चार साल में छह विस सीटों पर हुए उपचुनाव, अगला उपचुनाव कोलेबिरा सीट के लिए लगभग तय

सूचना साझा करने की संधि पर भारत ने किए हस्ताक्षर

उल्लेखनीय है कि अक्सर यह आरोप लगाया जाता है कि भारतीय और अन्य देशों के लोग अपनी अवैध कमाई को स्विस बैंकों में जमा कराते हैं , जिसे कर से बचने की सुरक्षित पनाहगाह माना जाता है. हालांकि स्विट्जरलैंड ने भारत समेत कई देशों के साथ सूचना साझा करने की संधि पर हस्ताक्षर किए हैं. इससे अब भारत को अगले साल जनवरी से स्विस बैंक में धन जमा करने वालों की जानकारी खुद ब खुद मिलना शुरु हो जाएगी.

इसे भी पढ़ें- गड्ढों में तब्दील हुईं राजधानी रांची की सड़कें, राहगीरों को हो रही परेशानी

कौन सा देश किस स्थान पर रहा

धन के हिसाब से 2015 में भारत का स्थान इस सूची में 75 वां और 2014 में 61 वां था. ब्रिटेन इस सूची में पहले और अमेरिका दूसरे स्थान पर है. शीर्ष दस देशों की सूची में वेस्ट इंडीज , फ्रांस , हांगकांग , बहामास , जर्मनी , गुएर्नसे , लक्जमबर्ग और केमैन आईलैंड शामिल है. ब्रिक्स देशों की सूची में चीन का स्थान 20 वां , रूस का 23 वां , ब्राजील का 61 वां , दक्षिण अफ्रीका का 67 वां है. पड़ोसी मुल्कों में मॉरीशस का स्थान 77 वां , बांग्लादेश का 95 वां , श्रीलंका का 108 वां , नेपाल का 112 वां और अफगानिस्तान का 155 वां स्थान है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

%d bloggers like this: