न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

बाल श्रम उन्मूलन की दिशा में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है: अमेरिका

98

Washington : अमेरिका की एक आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत उन 14 देशों में शामिल है जिन्होंने 2017 में बाल श्रम उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है. अमेरिकी श्रम मंत्रालय ने अपनी सालाना ‘चाइल्ड लेबर एंड फोर्स्ड लेबर’ रिपोर्ट में कहा कि 2017 में भारत ने बाल श्रम के सबसे खतरनाक रूप को समाप्त करने के प्रयासों में उल्लेखनीय प्रगति की है.

इसे भी पढ़ें- आयुष्मान भारत योजना: झारखंड सरकार और नेशनल इंश्योरेंस के बीच एमओयू

केवल 14 देश ‘उल्लेखीय प्रगति’ के नए मापदंडों पर खरे उतरे

इसमें कहा गया कि व्यापार एवं विकास कानून 2000 के तहत ‘बाल श्रम का सबसे बदतर रूप’ के तथ्य विश्वभर में बाल मजदूरी की स्थिति के विवरण पेश करते हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि इस वर्ष रिपोर्ट में 132 देशों और क्षेत्रों ने बाल श्रम की समस्या पर काबू पाने के लिए जो प्रयास किए हैं उन्हें और कड़े मापदंडों पर तौला गया है. इसके अनुसार भारत, कोलंबिया और प्राग सहित केवल 14 देश ‘उल्लेखीय प्रगति’ के नए मापदंडों पर खरे उतरे हैं. इन देशों को इस वर्ष विशेष कानूनी एवं नीति श्रम मानकों को भी पूरा करना है.

इसे भी पढ़ेंःबिजली खरीद में फूंक दिया 20 हजार करोड़, अब कोयले की कमी, झारखंड के सात जिलों में ब्लैकआउट के हालात

भारत सरकार ने बाल श्रम कानून में संशोधन किया

श्रम मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार ने आईएलओ कन्वेंशन 182 और कन्वेंशन 138 दोनों में सुधार किया है साथ ही बाल श्रम कानून में संशोधन किया है. ताकि 18 साल से कम उम्र के बच्चो कों खतरनाक जगहों पर काम करने के रोका जा सके. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि भारत में बच्चे बाल श्रम के सबसे खराब स्तर पर काम कर रहे हैं जिनमें कपड़ा निर्माण और पत्थर खनन जैसे क्षेत्रों में जबर्दस्ती मजदूरी कराना भी शामिल हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: