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भारत अमीर हो रहा है, लेकिन भारतीय देश छोड़ रहे हैं : रिसर्च

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 NewDelhi : भारतीयों पर हुई एक रिसर्च कहती है कि भारत अमीर हो रहा है, लेकिन भारतीय देश छोड़ रहे हैं.  एनडीटीवी के अनुसार एक रिसर्च में यह बात सामने आयी है. बता दें कि इंडिया स्पेंड एनालिसिस ऑफ डाटा फ्रॉम द यूनाइटेड नेशन डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स के अनुसार 2017 में लगभग 17 मिलियन भारतीय विदेशों में रह रहे थे. इसके उलट 1990 में महज 7 मिलियन भारतीय विदेश में बसे हुए थे. इस आंकड़े के अनुसार इस संख्या में 143 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. साथ ही इस दौरान भारत में प्रति व्यक्ति आय 522 प्रतिशत बढ़ी है.  यह 1,134 डॉलर से 7,055 डॉलर पहुंच गयी है. एशियन डेवलेपमेंट बैंक के अनुसार देश छोड़ने वाले अकुशल प्रवासियों की संख्या गिर रही है.  2017 में लगभग 391,000 लोगों ने भारत छोड़ दिया था,  जबकि 2011 में यह संख्या 637,000 थी. पिछले तीन दशकों 1990 से 2017 में भारत ने कुशल और अकुशल प्रवासियों के पलायन को देखा है. कतर में भारतीयों की संख्या 82,669 प्रतिशत बढ़ी है.  2738 से 2.2 मिलियन हो गयी.

दो सालों में कतर में भारतीय जनसंख्या तीन गुना से अधिक हो गयी

बीते दो सालों में कतर में भारतीय जनसंख्या तीन गुना से अधिक हो गयी है. ओमान में भारतीयों की संख्या 1990 से 2017 के बीच 688 प्रतिशत और संयुक्त अरब अमीरात में 622 प्रतिशत बढ़ी है. वहीं सऊदी अरब और कुवैत में यह संख्या 110 और 78 प्रतिशत बढ़ी है. पश्चिम में उन लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है जिनकी उम्र ज्यादा है. ऐसे में वहां श्रमिकों की मांग पैदा हो रही है. इसलिए भारत इस मांग से लाभ उठाने के लिए अच्छी तरह से तैयार है. अगर नीदरलैंड नार्वे और स्वीडन की बात करें तो वहां भारतीयों की संख्या 66, 56 और 42 प्रतिशत बढ़ी. क्योंकि यह देश सस्ते हैं और वहां सुविधाएं भी ज्यादा हैं.

जर्मनी में एजुकेशन फ्री है और वहां यूनिवर्सिटी की पढ़ाई के बाद जॉब की संभावना ज्यादा है. बता दें कि यूपी, बिहार, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों से लोग पलायन कर रहे हैं. वहीं भारत में भी काम करने वाले लोगों की संख्या हर महीने 1.3 मिलियन बढ़ रही है.

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