National

पनबिजली परियोजनाओं के निरीक्षण के लिए भारत ने पाक विशेषज्ञों को किया आमंत्रित

Lahore: भारत ने चेनाब नदी पर पनबिजली परियोजना स्थलों का दौरा करने के लिए पाकिस्तानी विशेषज्ञों को सितम्बर आमंत्रित किया है. इसका मकसद परियोजनाओं को लेकर उनकी चिंता दूर करना है. पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. हालांकि पाकिस्तान की आपत्ति के बावजूद भारत उस पर काम जारी रखने का संकेत दिया है.

इसे भी पढ़ें- बोकारो डीसी ने नियम विरुद्ध जाकर दी बियाडा की जमीन, उद्योग निदेशक ने खारिज किया आदेश, कहा –…

advt

आपत्तियों को कर दिया खारिज

सिंधु जल संधि पर दो दिवसीय उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता पूरी होने के बाद इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने के पश्चात भारत और पाकिस्तान के बीच पहली आधिकारिक बातचीत में भारत ने चेनाब नदी पर 1,000 मेगावाट क्षमता की पाकल दुल और 48 मेगावाट की लोअर कालनाई पनबिजली परियोजनाओं के निर्माण को लेकर पाकिस्तान की आपत्तियों को खारिज कर दिया.

इसे भी पढ़ें- बोकारो डीसी ने नियम विरुद्ध जाकर दी बियाडा की जमीन, उद्योग निदेशक ने खारिज किया आदेश, कहा –…

भारत ने काम जारी रखने के दिए संकेत  : पाक अधिकारी

पाकिस्तान के जल संसाधन सचिव एस अहमद ख्वाजा ने समाचार पत्र डान से कहा, लाहौर में दो दिन की बातचीत की यह बड़ी सफलता है कि भारत ने परियोजना स्थलों पर हमारे विशेषज्ञों को आने की अनुमति दी है. इसीलिए हमारे विशेषज्ञ अगले महीने के अंत तक भारत की यात्रा करेंगे. उन्होंने कहा कि हमारे विशेषज्ञ परियोजना स्थल का निरीक्षण करेंगे और यह देखेंगे कि सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) के तहत निर्माण हो रहा है कि नहीं.

पढ़ें- धनबाद में शुरू होगी IPPB सुविधा, PM मोदी करेंगे ऑनलाइन उद्घाटन

adv

कई योजनाएं है शामिल

चिनाब नदी पर 1680 मेगावाट उत्पादन क्षमता की 4 पनबिजली परियोजनाएं जिनमें 390 मेगावाट की क्षमता वाली ढुलहस्ती पावर प्रोजेक्ट, 900 मेगावाट क्षमता वाली बगलिहार पन बिजली परियोजना (बीएचईपी) स्टेज -1 और स्टेज-2 और 390 मेगावाट क्षमता वाली सलाल हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना (एचईपी) का जबरदस्त इस्तेमाल हो रहा है. किश्तवाड़, डोडा और रामबन में बहने वाली नदियों पर 5388 मेगावॉट उत्पादन क्षमता वाले 7 और परियोजनाओं का निर्माण होने की संभावना है. इनमें 1000 मेगावाट क्षमता वाली पक्कलढुल, 624 मेगावाट की कीरू, 540 मेगावाट की कावर, 1856 मेगावाट की सावलाकोट, 390 मेगावाट की कीरथई, 1930 मेगावाट कीरथई-द्वितीय और 48 मेगावाट लोअर कलनई है.

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button