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हमेशा रोहित और कोहली पर निर्भर नहीं रह सकता भारत, अन्य को लेनी होगी जिम्मेदारी: तेंदुलकर

धोनी को सातवें नबंर पर भेजना रणनीतिक चूक- लक्ष्मण

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Manchester: वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हारकर टीम इंडिया टूर्नामेंट से बाहर हो गयी. टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज इतने अहम मुकाबले में फिसड्डी साबित हुये हैं. 18 रनों से न्यूजीलैंड से मात खाकर भारत का वर्ल्ड कप लाने का सपना फिर टूट गया.

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हार पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने महेंद्र सिंह धोनी और रविंद्र जडेजा के जुझारूपन की सराहना की. लेकिन साथ ही कहा कि भारतीय बल्लेबाजी नतीजे के लिए हमेशा अपने शीर्ष क्रम पर निर्भर नहीं रह सकती.

‘रोहित-कोहली पर हमेशा निर्भर नहीं रह सकते’

टीम के प्रदर्शन से निराश दिख रहे तेंदुलकर ने कहा कि भारतीय बल्लेबाजों ने 240 रन के लक्ष्य को काफी बड़ा बना दिया. न्यूजीलैंड के खिलाफ 18 रन की हार के साथ भारत विश्व कप से बाहर हो गया.

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तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैं निराश हूं क्योंकि हमें बिना किसी संदेह के 240 रन का लक्ष्य हासिल करना चाहिए था. यह बड़ा स्कोर नहीं था. हां, न्यूजीलैंड ने शुरुआत में ही तीन विकेट चटकाकर स्वप्निल शुरुआत की.’’

इस पूर्व बल्लेबाज ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘लेकिन मुझे लगता है कि हमें अच्छी शुरुआत के लिए हमेशा रोहित शर्मा या ठोस आधार तैयार करने के लिए विराट कोहली पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. उनके साथ खेल रहे खिलाड़ियों को भी अधिक जिम्मेदारी लेनी होगी.’’

तेंदुलकर ने कहा, ‘‘यह सही नहीं है कि हर बार धोनी से मैच को फिनिश करने की उम्मीद की जाए. वह बार-बार ऐसा करता आया है.’’

धोनी को सातवें नंबर पर भेजना बहुत बड़ी गलती- पूर्व क्रिकेटर

सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण सहित पूर्व क्रिकेटरों ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में महेंद्र सिंह धोनी को बल्लेबाजी क्रम में सातवें नंबर पर भेजने को रणनीतिक चूक करार दिया.

लक्ष्मण ने कहा, ‘‘धोनी को पंड्या से पहले बल्लेबाजी के लिये आना चाहिए था. यह रणनीतिक चूक थी. धोनी को दिनेश कार्तिक से पहले भेजा जाना चाहिए था. विश्व कप 2011 के फाइनल में भी वह खुद युवराज सिंह से ऊपर चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिये आये थे और विश्व कप जीतने में सफल रहे.’’

पूर्व कप्तान गांगुली ने कहा कि केवल धोनी की बल्लेबाजी ही नहीं बल्कि दूसरे छोर से युवा बल्लेबाजों पर उनकी शांतचितता का भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता.

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हालांकि पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि धोनी और जडेजा भले ही मैच को खत्म नहीं कर पाए लेकिन वे शानदार थे.

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सूत्रों के अनुसार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) कप्तान विराट कोहली और उपकप्तान रोहित शर्मा के बीच विवादों और टीम में खेमेबाजी की खबरों से बेहद चिंतित हैं.

पूर्व क्रिकेटरों ने क्या कहा

पूर्व भारतीय आफ स्पिनर हरभजन सिंह ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘दिल टूट गया. न्यूजीलैंड को बधाई. बेहतरीन प्रदर्शन किया जडेजा.’’

सुरेश रैना का मानना है कि विश्व कप से बाहर होने के बावजूद भारत ने टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से लाखों दिल जीते.

रैना ने ट्वीट किया, ‘‘लड़कों भाग्य ने साथ नहीं दिया. अच्छा खेले. टूर्नामेंट के दौरान अपने प्रदर्शन से आपने दिल जीते. न्यूजीलैंड को बधाई.’’

क्रिकेटर से कमेंटेटर बने संजय मांजरेकर ने लिखा, ‘‘मेरी नजरों में भारत चैंपियन टीम से कम नहीं. सात मैच जीते दो हारे. अंतिम मैच काफी करीबी रहा. अच्छा काम किया भारत.’’

पूर्व क्रिकेटर लक्ष्मण ने ट्वीट किया, ‘‘केन विलियमसन और न्यूजीलैंड को लगातार दूसरे विश्व कप फाइनल में जगह बनाने की बधाई. रविंद्र जडेजा ने धोनी के साथ मिलकर शानदार संघर्ष किया और भारत को इतना करीब ले गए, लेकिन न्यूजीलैंड ने नई गेंद से बेहतरीन गेंदबाजी की और यह निर्णायक रहा.’’

आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने विलियमसन की कप्तानी की तारीफ की. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘बधाई हो, शानदार जीत. केन विलियमसन की शानदार कप्तानी. टीम इंडिया दुर्भाग्यशाली रही.’’

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने ट्वीट किया, ‘‘मैनचेस्टर में हैरान करने वाला नतीजा. मैंने इंग्लैंड-भारत फाइनल की भविष्यवाणी की थी लेकिन न्यूजीलैंड ने शानदार प्रदर्शन किया, भारत के इस बल्लेबाजी क्रम को इतने कम स्कोर पर रोकना अविश्वसनीय प्रयास है. जडेजा के लिए शानदार मैच, भारत दुर्भाग्यशाली रहा.’’

…और टूट गया सपना

भारतीय गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड को आठ विकेट पर 239 रन पर रोक दिया था. जिसके बाद टूर्नामेंट में पहली बार भारत का प्रतिष्ठित शीर्ष क्रम नाकाम रहा. विराट कोहली की टीम 49 .3 ओवर में 221 रन पर आउट हो गई.

भारतीय टीम एक समय 92 रन पर छह विकेट गंवाने के बाद करारी हार की ओर बढ़ रही थी, लेकिन धोनी (50) और जडेजा (77) ने सातवें विकेट के लिए 116 रन जोड़कर टीम को मुकाबले में बनाए रखा.

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