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राजधानी में बढ़ रही छिनतई की घटनाएं, खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहीं महिलाएं

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Ranchi: राजधानी रांची की महिलाएं खुद को सुरक्षित नहीं महसूस कर रही है. शहर में चेन छिनतई की घटनाओं ने महिलाओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है.

आलम यह है कि सुबह दूध लेने जाने का समय हो या बच्चों को स्कूल पहुंचाने का या फिर पूजा करने के लिए मंदिर जाने का कभी भी कहीं भी महिलाएं खुद को सुरक्षित नहीं महसूस कर रही हैं. राजधानी रांची में अमूमन रोजाना किसी ने किसी इलाके में एक महिला से छिनतई हो रही है.

अधिकतर मामले नहीं पहुंचते थाने

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जहां एक तरफ छिनतई की अधिकतर मामले थाना तक नहीं पहुंचते हैं. वहीं दूसरी तरफ कई मामले में पुलिस के पास साक्ष्य होने के बाद भी अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं.

नतीजा यह है कि अपराधियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है़. महिलाओं का कहना है कि पुलिस के पास जाने से कोई फायदा नहीं है,क्योंकि छीना गया सामान मिलना तो संभव नहीं है.

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महिलाएं स्नैचर के लिए सॉफ्ट टारगेट

राजधानी में इन दिनों चेन छिनतई की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. जिनमें बरियातू, मोरहाबादी, चिरौंदी, कुसुम विहार, कडरू, कोकर,अशोक नगर,हरमू समेत कई पॉश इलाके शामिल हैं.

महिलाएं चेन स्नैचर के लिए सॉफ्ट टारगेट होती हैं. बाइक सवार अपराधी ज्यादातर सुबह और शाम के वक्त वारदात को अंजाम देते हैं. खासकर उस वक्त जब महिलाएं सुबह या शाम की सैर करने.

राजधानी में बाहरी गिरोह सक्रिय

राजधानी रांची में छिनतई की घटना को अंजाम देने वाले कुछ गिरोह ऐसे हैं जो ओडिशा और बंगाल से आकर यहां पर छिनतई की घटना का अंजाम देते हैं.

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मिली जानकारी के मुताबिक, ऐसे गिरोह के लोग काम को अंजाम देने में चोरी की बाइक का उपयोग करते है और समय-समय उसका नंबर प्लेट भी बदलते रहते हैं. दूसरे जगहों से आने वाले ऐसे अपराधी चोरी और छिनतई की घटना को अंजाम देने के बाद अपना ठिकाना बदल लेते है.

पुलिस नहीं लगा पा रही रोक

शहर में छिनतई की बढ़ती घटनाओं ने पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिये हैं. मौजूदा समय में 30 पीसीआर, 15 हाइवे पेट्रोलिंग टीम मुस्‍तैद हैं.

50 मोटरसाइकिल पर 100 टाइगर मोबाइल सुरक्षा के लिए लगाये गये हैं. 20 स्कूटी पर 40 शक्ति कमांडो तैनात हैं. 47 बीट के अफसर भी हैं. 20 बाइक दस्ता भी है. इतने संसाधन मिलने के बावजूद आपराधिक घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है.

अधिकतर मामले में पुलिस अपराधी तक नहीं पहुंच पाती

अपराधी जिस तरह से दिनदहाड़े घटनाओं को अंजाम देते हैं, उससे तो यही लगता है कि अपराधी के मन में पुलिस का जरा भी भय नहीं है. आए दिन झपटमारी और लूट की घटना से लोगों के बीच खौफ पैदा हो गया है.

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शहर के अलग-अलग इलाकों में कभी मोबाइल,कहीं महिलाओं की गले से चेन छिनतई की घटनाएं घट रही है. लेकिन अधिकतर मामले अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस सफल नहीं हो पा रही है.

अप्रैल में हुई छिनतई की कुछ घटनाएं

1 अप्रैल 2019 की शाम मोरहाबादी निवासी रेणु नाम की महिला पैदल जा रही थी. उसी दौरान एक बाइक पर पहुंचे दो अपराधियों ने चेन झपट लिया. इसके बाद मौके से फरार हो गए.

11 अप्रैल 2019 को सदर थाना क्षेत्र में कहकशां शाहीन नाम की महिला से बाइक पर सवार होकर आए अपराधियों ने बैग छीनीं और फरार हो गये. बैग में करीब 50 हजार से अधिक का सामान था और कई महत्वपूर्ण कागजात भी थे.

14 अप्रैल 2019 पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय कार्यालय प्रभारी शैलेंद्र कुमार सिंह की पत्नी मीरा सिंह के गले से बाइक सवार उचक्के ने चेन छीन कर फरार हो गये. यह घटना रविवार की सुबह हरमू चौक से सहजानंद चौक के बीच की है. उस समय मीरा सिंह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकली थी.

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