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शहर के सीमावर्ती इलाकों में बढ़ता उग्रवादियों का वर्चस्व पुलिस के लिए बना सिरदर्द

- पीएलएफआइ के बाद टीएसपीसी भी दर्ज करा चुका है अपनी उपस्थिति

Ranchi: शहर के सीमावर्ती इलाकों में पिछले कुछ माह से लगातार बढ़ रहा उग्रवादियों का वर्चस्व पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है. पीएलएफआइ के बाद टीएसपीसी भी शहर में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है. एक के बाद व्यवसायियों से रंगदारी मांगने की खबरें सामने आ रही हैं.
कुछ मामलों में पुलिस संबंधित संगठन के उग्रवादियों को गिरफ्तार कर जेल तो भेज चुकी है लेकिन सरगना तक पहुंचने में विफल रही है.

हाल के दिनों में पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप ने शहर के व्यवसायियों से रंगदारी की मांग कर रांची पुलिस को खुली चुनौती दे डाली है. पुलिस संगठन के इक्का-दुक्का उग्रवादियों को गिरफ्तार कर अपनी पीठ तो थपथपा रही है लेकिन संगठन के सरगना पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है.

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उग्रवादियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस कितना सक्रिय है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शहर में पोस्टरबाजी तक की घटना को उग्रवादी अंजाम दे चुके हैं. राजभवन के समीप पोस्टरबाजी की घटना के बाद सरकार के प्रेशर में एसएसपी व सिटी एसपी खुद सक्रिय हुए और तीन दिनों तक छापेमारी के बाद पोस्टरबाजी करने वाले उग्रवादियों को गिरफ्तार किया. शहर में किराये के घर में रहकर रंगदारी वसूलने वाले दर्जनों उग्रवादियों को पुलिस अब तक गिरफ्तार कर चुकी है.

नामकुम और रातू इलाका सेफ जोन, छात्र-मजदूर बनकर किराये के घर में ले रखी है शरण

उग्रवादियों ने नामकुम और रातू इलाका को अपना सेफ जोन बना लिया है. इन इलाकों में उग्रवादियों को आसानी से किराये पर कम पैसों में घर उपलब्ध हो जा रहा है. यही वजह है कि उग्रवादी इन दोनों इलाकों में पिछले कई माह से शरण लिये हुए हैं और संगठन के ऊंचे ओहदे पर बैठे उग्रवादियों के दिशा-निर्देश पर काम करते हुए शहर के व्यवसायियों से मोटी रकम की उगाही कर रहे हैं.

संगठन की ओर से इन उग्रवादियों को भी घर-परिवार चलाने के लिए उगाही किये गये पैसों में से कुछ दे दिया जाता है. इन इलाकों से पिछले कुछ दिनों में गिरफ्तार उग्रवादियों ने भी पुलिस के समक्ष यह खुलासा किया है कि संगठन के जोनल कमांडर तथा एरिया कमांडर के इशारे पर वे लोग किराये के घर में शरण लिये हुए थे और व्यवसायियों से लेवी की उगाही कर रहे थे.

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पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार उग्रवादी यह भी खुलासा कर चुके हैं कि वे लोग मजदूर या छात्र बनकर किराये के घर में कमरा लेते हैं. लेवी उगाही की भनक तक मकान मालिक को नहीं लगती. नामकुम व रातू के अलावा पंडरा, सुखदेव नगर, चुटिया, अरगोड़ा, तुपुदाना और कांके इलाके से भी किराये के घर में रहने वाले कई उग्रवादियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है.

जमीन कारोबारी और कोयला कारोबारी मेन टारगेट

शहर में रहने वाले जमीन कारोबारियों और कोयला कारोबारियों को उग्रवादी पिछले कुछ माह से लगातार टारगेट कर रहे हैं और उनसे रंगदारी के रूप में मोटी रकम की मांग कर रहे हैं. इस कार्य में अपराधी भी उग्रवादियों का भरपूर सहयोग कर रहे हैं. वे शहर के बड़े-बड़े कोयला कारोबारियों तथा जमीन कारोबारियों के मोबाइल नंबर तथा उसके घर का पता उग्रवादी संगठनों के सरगना तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं. इसके लिए उग्रवादी संगठन की ओर से संबंधित अपराधी को सहयोग के तौर पर हथियार और गोली मुहैया कराया जा रहा है.

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कुछ दिनों पहले बरियातू इलाके से गिरफ्तार सुजीत सिन्हा गिरोह के अपराधियों ने यह खुलासा किया था कि पीएलएफआइ के उग्रवादियों द्वारा उन लोगों को एक बिल्डर के कार्यालय पर गोली और बम चलाने के लिए हथियार मुहैया कराया गया था. इसके अलावा अन्य कई अपराधियों ने भी गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में उग्रवादी संगठन के लोगों से अपना संपर्क होने की बात बतायी थी.

पिछले 6 माह में उग्रवादियों व अपराधियों द्वारा रंगदारी मांगने की घटनाएं

— 4 दिसंबर 2020 को लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र प्रधान से पीएलएफआइ के नाम पर मांगी गयी 2 करोड़ की रंगदारी. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी अब तक नहीं मिली है कोई जानकारी.
— 4 नवंबर 2020 को कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित अपर बाजार के दवा व्यवसायी विजय कुमार सिंघानिया से पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप के नाम पर मांगी गयी 50 लाख की रंगदारी. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी पुलिस अब तक नहीं कर पायी है किसी की गिरफ्तारी.

— 3 नवंबर 2020 को धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित टेंट हाउस कारोबारी संदीप कुमार से पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश के नाम पर चूहा जायसवाल ने मांगी 50 लाख की रंगदारी. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी नहीं हो पायी है किसी की गिरफ्तारी.
— 18 नवंबर 2020 को कांके जनरल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के मालिक डॉक्टर शंभू प्रसाद से अपराधियों ने मांगी 20 लाख की रंगदारी.

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— 29 नवंबर 2020 को कांके थाना के अरसंडे में रहने वाले जमीन कारोबारी अवधेश कुमार से पीएलएफआइ सुप्रीमो के नाम पर मांगी गयी 30 लाख की रंगदारी. कांके थाना में दर्ज हुई है प्राथमिकी.
— 19 अगस्त 2020 को आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो से अपराधियों ने मांगी 15 लाख की रंगदारी. गोंदा थाना में दर्ज हुई है प्राथमिकी.
— 6 अगस्त 2020 को अपराधियों ने बिल्डर अभय सिंह से मांगी थी दो करोड़ की रंगदारी. पैसा नहीं देने पर 15 अगस्त को उनके कार्यालय पर की थी गोलीबारी.

— 18 जुलाई 2020 को कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले एक कोयला व्यवसायी से मांगी गयी एक करोड़ की रंगदारी.
— 18 जुलाई 2020 को अपराधियों ने बरियातू थाना क्षेत्र में रहने वाले एक कोयला कारोबारी से मांगी एक करोड़ की रंगदारी.
— 12 जुलाई 2020 को चुटिया थाना क्षेत्र में रहने वाले कोयला कारोबारी से अपराधियों ने मांगी 1 करोड़ की रंगदारी. पुलिस ने अपराधी अमन साव को गिरफ्तार कर भेजा था जेल.

पिछले कुछ माह में शहर से गिरफ्तार उग्रवादी व नक्सली

29 अगस्त 2020 – जमीन कारोबारियों से रंगदारी वसूलने के लिए पीएलएफआइ उग्रवादी विनय तिग्गा और कचना पाहन नामकुम थाना क्षेत्र के स्थित लोअर चुटिया में किराये के घर में शरण लिये हुए थे. पुलिस ने दो पिस्टल वह भारी मात्रा में गोली के साथ किया गिरफ्तार.
29 अगस्त 2020 – मजदूर बनकर पंडरा थाना क्षेत्र स्थित किराये के घर में पिछले कई माह से रहकर पीएलएफआइ उग्रवादी सनी कच्छप व्यवसायियों से वसूल रहा था रंगदारी. गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस ने मकान मालिक पर नहीं की कोई कार्रवाई.

21 अगस्त 2020 – राजधानी में बड़े व्यवसायी की हत्या करने की योजना बना रहे पीएलएफआइ उग्रवादी परमेश्वर गोप को टाटीसिलवे से किया गया गिरफ्तार. किराये के घर में पिछले कई माह से ले रखी थी शरण. पुलिस ने मकान मालिक के खिलाफ नहीं की कोई कार्रवाई.

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2 मई 2020 – पुलिस ने अरगोड़ा इलाके में किराये के घर में छिपकर रह रहे टीपीसी के सब-जोनल कमेटी के सदस्य सौरभ गंझू उर्फ दिनेश गंझू को किया गिरफ्तार. सौरभ चतरा के टंडवा थाना क्षेत्र स्थित गोंदा का रहने वाला है.
11 फरवरी 2020 – टीपीसी के एरिया कमांडर राजेंद्र कुमार भुइयां उर्फ बादल को पलामू पुलिस ने रातू पुलिस के सहयोग से किया

गिरफ्तार. राजेंद्र ने अपनी पहचान छुपाकर रातू में किराये के घर में ले रखी थी शरण. जमीन कारोबारियों से रंगदारी वसूलने का कर रहा था प्रयास.
31 जनवरी 2020 – टीएसपीसी के सबजोनल कमांडर निशांत को पुलिस ने रातू से किया गिरफ्तार. निशांत अपनी पहचान छुपाकर लगातार राजधानी में कर रहा था भ्रमण.

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