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राज्य के उर्दू शिक्षकों की बढ़ी परेशानी, हर माह 20-25 दिन देर से हो रहा वेतन भुगतान

स्कूली शिक्षा साक्षरता विभाग ने मार्च से बदली इन शिक्षकों के वेतन भुगतान का नियम

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Ranchi :  राज्य के शिक्षकों को समय से वेतन नहीं मिलना  जैसे नियती ही हो गयी है. अब तो शिक्षकों को भी इसकी आदत हो गयी है. योजना मद अंतर्गत आने वाले उर्दू शिक्षकों को वर्तमान में ऐसी ही समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं. इन्हें मार्च माह से वेतन तो दिया जा रहा है, लेकिन समय से   नहीं मिल रहा. विभाग की ओर से इन उर्दू शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिये मार्च माह से नियम बदल दिये गये.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मार्च से प्रति माह इन शिक्षकों को बीस-पचीस दिन देर से वेतन भुगतान हो रहा है. जबकि पूर्व में इन शिक्षकों को चार-पांच तारीख तक वेतन दे दिया जाता था. जिससे इन शिक्षकों की समस्या बढ़ गयी है.

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राज्यभर में सात सौ शिक्षक हैं परेशान

मार्च से उर्दू शिक्षकों के वेतन भुगतान में हुई बदलाव के कारण रांची जिला में 86 और राज्यभर में सात सौ शिक्षक परेशान हैं. विभाग के इस आदेश से उर्दू शिक्षकों में काफी निराशा है. कुछ शिक्षकों से बात करने पर जानकारी हुई कि, योजना मद अंतर्गत आने वाले अन्य शिक्षकों को वेतन समय पर ही दिया जा रहा है, सिर्फ उर्दू शिक्षकों के लिए नियम में परिवर्तन किये गये.

जबकि स्कूलों की ओर से हर माह के 27-28 तारीख को ही अनुपस्थिति विवरण समेत अन्य जानकारी दी जाती है.

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नियमों में क्या हुआ परिवर्तन

स्कूली शिक्षा साक्षरता विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, मार्च माह से उर्दू शिक्षकों का वेतन भुगतान जिला शिक्षा अधीक्षकों के माध्यम से किया जा रहा है. जिला शिक्षा अधीक्षकों को स्कूलों की ओर से इन शिक्षकों के बिल और अनुपस्थिति का विवरण दिया जाता है. जिला शिक्षा अधीक्षक के पास से फाइल जिला शिक्षा पदाधिकारी को दी जाती है. इसके बाद विभागीय ट्रेजरी ऑफिसर को फाइल दी जाती है. जिसके बाद इन शिक्षकों का वेतन भुगतान किया जा रहा है. प्रक्रिया लंबी होने की वजह से समय ज्यादा लग रहा है. इस आदेश के पूर्व अन्य शिक्षकों की भांति इन शिक्षकों का भी वेतन भुगतान डीडीओ की ओर से डायरेक्ट की जाती थी.

सचिव ने कहा परेशान होने की बात नहीं, भुगतान तो हो रहा

इस संबध में स्कूली शिक्षा साक्षरता विभाग सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि देर से ही सही लेकिन भुगतान तो हो रहा है. शिक्षकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. प्रक्रिया में बदलाव किया गया है. जिला शिक्षा अधीक्षक के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है.

साथ ही सचिव ने कहा कि डीडीओ के माध्यम से शिक्षक क्यों भुगतान कराना चाहते हैं, ये समझ नहीं आता. विभाग जब हर शिक्षक को वेतन भुगतान कर सकती है, तो ऐसे में इन शिक्षकों को भी वेचल का भुगतान किया ही जा रहा है, भले ही नियम बदले गये हों.

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