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कोरोना संक्रमण का बढ़ा खतराः e-pos मशीन से राशन का उठाव कर रहे 5793864 कार्डधारी, 6 से अधिक डीलरों ने गंवायी जान

विधायक सीता सोरेन ने सीएम हेमंत सोरेन और खाद्य आपूर्ति मंत्री को लिखा पत्र, कहा-इ-पॉश मशीन से राशन वितरण तत्काल बंद करायें

Ranchi: कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच संक्रमितों का आंकड़ा 1,72,315 तक पहुंच चुका है. पिछले 24 घंटों में 45 की मौत हो चुकी है. इसे देखते हुए राज्य सरकार अब 22 से 29 अप्रैल तक स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह मनाने में लगी है. इधर, राज्य में अब भी ई-पॉश मशीन से राशन का उठाव जारी है. इसके चलते भी कई कार्डधारी और डीलर कोरोना संक्रमण की चपेट में आते जा रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में 6 डीलरों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. इसके अलावा 57 लाख से अधिक कार्डधारकों के सामने भी संक्रमित होने का खतरा शुरू है. विधायक सीता सोरेन ने सीएम हेमंत सोरेन और खाद्य आपूर्ति मंत्री रामेश्वर उरांव से अपील करते हुए कहा है कि जनहित में इ-पॉश मशीन से राशन वितरण तत्काल बंद करायें.

ई-पॉश का प्रयोग घातक

सीता सोरेन ने सोशल मीडिया पर सीएम को लिखा है कि रांची शहर के वार्ड 29 के दो गरीब PDS दुकानदार विद्याप्रकाश और मोती चौधरी की कोरोना से मौत हो गई. इसका कारण e-pos मशीन में संक्रमितों का अंगूठा लगाया जाना कारण बना. हालांकि कुछ नागरिकों ने आशंका जतायी कि ई-पॉश मशीन का प्रयोग बंद किये जाने से डीलरों की मनमानी बढ़ेगी. इस पर सीता ने कहा है कि पिछले साल कोरोना संकट के बाद लगे लॉकडाउन के समय ऐसा देखने को नहीं मिला. हर जरूरतमंद हर गरीब को राशन मिला. उस समय भी e-pos मशीन बंद था.

Manual पूरे राज्य में राशन सफलतापूर्वक बंट रहा था. अभी राशन से ज्यादा जरूरी है लोगों की जिंदगी बचाना. राज्य की आधी आबादी इससे जुड़ी हुई है. अधिकांश लोगों ने उनके विचारों पर सहमति जतायी है और कहा है कि लॉकडाउन के समय जैसे राशन मिलता था, वैसे ही राशन दिया जाये.

14 से अधिक डीलरों ने गंवायी है जान

फेयर प्राइस शॉप डीलर के प्रेसिडेंट ओंकार नाथ झा ने भी कहा है कि मंत्री रामेश्वर उरांव को कोरोना को देखते हुए अभिलंब ई-पॉश मशीन से राशन वितरण को बंद कर मैनुअली इसे करना चाहिये जो पिछले साल कोरोना काल में था. अब तक कई PDS दुकानदार मौत के काल में समा चुके हैं और इनका जीवन बीमा भी नहीं है. ई पोस मशीन से राशन वितरण के समय अंत्योदय एवं अन्य कार्ड धारियों सहित PDS दुकानदार को उसे चालू करने के लिए अंगूठा लगाना पड़ता है. इससे दुकानदार सहित कार्डधारियों को भी संक्रमित होने का खतरा 200 फ़ीसदी बढ़ गया है. डीलर और कस्टमर, दोनों अभी भयभीत हैं.

खौफ में हैं सारे डीलर्स

डीलर्स भी भय के वातावरण में हैं. पिछले कोरोना संक्रमण काल में 8 और इस बार अब तक 6 यानि कुल 14 डीलरों की मृत्यु कोरोना के कारण हो चुकी है. अगर डीलरों और लाभूकों के हित का ख्याल नहीं रखा गया 25,000 से अधिक डीलर उठाव और वितरण बंद करने को सब बाध्य होंगे. जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों को हेल्थ इंश्योरेंस के साथ जीवन बीमा योजना से झारखण्ड सरकार को जोड़ना चाहिये. मृतक दुकानदारों को मुआवजा मिले.

संक्रमण के वाहक मशीनों का प्रयोग बंद करना जरूरी

राइट टू फूड अभियान से जुड़े और सामाजिक कार्यकर्ता बलराम भी कहते हैं कि निश्चित तौर पर अभी जो आपदा की स्थिति है, उसमें ई-पॉश मशीन का प्रयोग बंद किया जाना चाहिये. ऐसी मशीनों का उपयोग केवल पीडीएस दुकानों पर ही नहीं, सरकारी-निजी कार्यालयों में भी बंद हो. इससे संक्रमण का खतरा बढ़ता है. पिछली बार जिस तरह से मशीन का उपयोग बंद करके राशन वितरण किया गया था,उसी पर काम हो. अगर गड़बड़ी की बात सामने आती है तो उसकी जांच की जा सकती है. पिछली बार ऐसा करने वाले डीलरों के खिलाफ एफआईआर हुआ था, लाइसेंस कैंसिल हुआ था.

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