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आरबीआई व वित्‍त मंत्रालय के बीच बढ़ी तकरार, गवर्नर पद से इस्तीफा दे सकते हैं उर्जित पटेल

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New Delhi: भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई और सरकार के बीच तकरार बढ़ने की वजह से ऐसी खबर है कि गवर्नर उर्जित पटेल इस्तीफा दे सकते हैं. बुधवार को टीवी चैनल्स की रिपोर्ट्स से कहा गया कि रुपये की गिरती कीमतों की वजह से सरकार के साथ रिश्तों में आई खटास के चलते उर्जित पटेल इस्तीफा दे सकते हैं. खबरों के मुताबिक अगर  सरकार रिजर्व बैंक का सेक्शन 7 लागू करती है तो उर्जित पटेल इस्तीफा दे सकते हैं. रिजर्व बैंक के सेक्शन 7 के तहत सरकार को ये अधिकार है कि वो आरबीआई के गवर्नर को गंभीर और जनता के हित के मुद्दों पर काम करने के लिए निर्देश दे सकती है.

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वित्‍त मंत्रालय ने जारी किया प्रेस नोट, आरबीआई को दिलायी कानून की याद

वहीं दूसरी ओर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट, 1934 के सेक्शन 7 के तहत मिले अधिकार का इतिहास में पहली बार इस्तेमाल किए जाने की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने अपना पक्ष रखा है. वित्त मंत्रालय ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए कहा है कि आरबीआई ऐक्ट की परिधि में रिजर्व बैंक की स्वायत्ता निहायत ही जरूरी है और वह इसका सम्मान करती है. मंत्रालय की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया है, ‘आरबीआई एक्ट के प्रावधानों के तहत केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता जरूरी एवं मान्य प्रशासनिक अनिवार्यता है. भारत में सरकारों ने इसकी समृद्धि के साथ-साथ इसका सम्मान किया है.’

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सेक्शन 7 के तहत केंद्र सरकार को यह अधिकार मिला है कि वह सार्वजनिक हित के मुद्दों पर आरबीआई को अपने निर्देश मानने को बाध्य कर सकता है. वित्त मंत्रालय ने अपने वक्तव्य में इसी ओर इशारा करते हुए आरबीआई को कानून की याद दिलाई. उसने कहा, ‘सरकार और केंद्रीय बैंक, दोनों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सार्वजनिक हित एवं भारतीय अर्थव्यवस्था की जरूरतों का ख्याल रखना होता है. इसके लिए कई मुद्दों पर सरकार और आरबीआई के बीच समय-समय पर गहन चर्चा होती है. यही अन्य नियामकीय संस्थाओं (रेग्युलेटर्स) पर भी लागू होता है.’ रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा 7 केंद्र सरकार को यह विशेषाधिकार प्रदान करती है कि वह केंद्रीय बैंक के असहमत होने की स्थिति में सार्वजनिक हित को देखते हुए गवर्नर को निर्देशित कर सकती है. सरकार त्वरित सुधारात्मक कदम (पीसीए) की रूपरेखा से लेकर तरलता प्रबंधन (लिक्विडिटी मैनेजमेंट) तक के मुद्दों पर रिजर्व बैंक से असहमत है.

समाचार एजेंसी भाषा ने मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा है कि सरकार ने गवर्नर उर्जित पटेल को रिजर्व बैंक अधिनियम की धारा 7 के तहत निर्देश देने का उल्लेख किया. सूत्रों ने बताया कि सरकार ने कम-से-कम तीन बार अलग-अलग मुद्दों पर सेक्शन 7 का जिक्र किया. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया था कि सरकार ने इस विशेष धारा के तहत कोई निर्णय नहीं लिया है.

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