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वाटर टैक्स में बढ़ोतरी से माडाकर्मियों के राजस्व में होगी 2 गुणा वृद्धि

नगर विकास विभाग ने बैठक कर जारी किया निर्देश

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Ranchi : धनबाद स्थित माइंस एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (माडा) के बीसीसीएल और अन्य अनुषंगी इकाइयों को दिये जाने वाले जलापूर्ति के एवज में सरकार ने वाटर टैक्स में भारी वृद्धि करने का फैसला किया है. वाटर टैक्स में होने वाली वृद्दि से माडा के राजस्व में करीब 2 गुणा बढ़ोतरी हो जाएगी. टैक्स में वृद्धि के बाद अब माडा को डेढ़ करोड़ की जगह तीन करोड़ रुपया मासिक वाटर टैक्स के रूप में मिलेगा. इससे माडा को अपने अधीनस्थ कर्मियों को समय पर वेतन दिया जाना संभव हो सकेगा. मालूम हो कि माडाकर्मी पिछले 20 वर्षों से इस मांग को लेकर संघर्षरत थे. वहीं कुछ माह पहले ही सरकार ने माडाकर्मियों के कई माह के बकाया वेतन में से 5 माह का वेतन जारी करने का निर्देश दिया था.

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1000 माडाकर्मियों को मिलेगा लाभ

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मालूम हो कि माडाकर्मियों की समस्याओं को लेकर स्थानीय विधायक राज सिन्हा पिछले कई दिनों से सीएम से लेकर मंत्री और सचिव से मिल अपनी बातों को रख चुके है. उन्होंने इसपर कई सुझाव भी दिये थे. उक्त सभी सुझावों को देखते हुए विभागीय मंत्री और सचिव ने इसकी पहल की है. विभाग की तरफ से इसकी जानकारी सीएम को दी गयी. जिसपर सीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर विकास विभाग को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया. विभाग के विशेष सचिव बीपीएल दास ने बताया कि इससे लगभग 1000 माडा कर्मियों और उनके परिवार की स्थिति सुधरेगी और उन्हें नियत समय पर वेतन मिल पाएगा. सरकार के इस निर्णय से माडा में काम कर रहे कर्मचारियों के परिवारों के चेहरे पर खुशी आएगी.

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गरीबों को मिलते रहेगा लाभ

सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में आने वाले लोगों को जिस दर पर जलापूर्ति दी जाती है, उसी दर पर उन्हें जलापूर्ति की जाएगी. अर्थात वैसे गरीब परिवारों को पूर्व की तरह 5 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से ही जलापूर्ति किया जाएगा. वहीं बीसीसीएल और अन्य अनुषंगी इकाइयों को 44 रूपये प्रति किलोलीटर की दर से वाटर टैक्स देना पड़ेगा. जबकि पहले यह टैक्स 22 रूपये प्रति किलोलीटर के हिसाब से लिया जाता था.

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