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एग्रीकल्चर सेक्टर में आगे बढ़ने का मौका, मिलेगा 20 लाख तक का लोन

Ranchi: एग्रीकल्चर सेक्टर में आगे बढ़ने के इच्छुक लोगों के लिए बढिया मौका है. खासकर कृषि और संबद्ध क्षेत्रों से ग्रेजुएट, पीजी डिग्रीधारकों के लिए. मोबाइल एग्रीकल्चर स्कूल एंड सर्विसेज के जरिये मुक्त आवासीय एग्री बिजनेस कौशल और उद्यमिता विकास कार्यक्रम कराया जाना है. मारवाड़ी कॉलेज की इसमें बड़ी भूमिका है. इस कोर्स को पूरा करने वालों को 20 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है. नाबार्ड के माध्यम से अपना कारोबार खड़ा करने को 36 से 44 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी मिल सकती है

कैसे करना होगा आवेदन

इच्छुक कैंडिडेट और निर्धारित योग्यता रखने वालों को अपना बायोडाटा/सीवी मारवाड़ी कॉलेज के प्रिंसिपल के पास एक कवरिंग लेटर के साथ मारवाड़ी कॉलेज प्लेसमेंट सेल के जरिये भेजना होगा. इस मेल आइडी पर आवेदन करना होगा- marwaricollegeplacement@gmail.com. 12 अप्रैल से 22 अप्रैल तक इस प्रोग्राम को चलाया जायेगा. इसके लिए 35 सीट निर्धारित की गयी है. सेलेक्शन और ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान कोविड-19 गाइडलाइन का पालन किया जायेगा.

कौन कौन होंगे पात्र

Sanjeevani

नियमों के मुताबिक ऐसे स्टूडेंट्स जो कृषि और संबद्ध क्षेत्रों (वनस्पति विज्ञान, जूलॉजी, रसायन विज्ञान, माइक्रोबायोलॉजी और जैव-प्रौद्योगिकी आदि) से स्नातक हैं, इस पाठ्यक्रम के लिए पात्र हैं. (यूजी/पीजी पहले उत्तीर्ण छात्रों को भी आवेदन करने के लिए आमंत्रित किया जाता है, कोई आयु सीमा नहीं).

गौरतलब है कि एग्री बिजनेस सेक्टर में प्रतिभाओं को सामने लाने को केंद्र प्रायोजित योजना के तहत पहल की जाती रही है. योजना के तहत “कृषि क्लिनिक और कृषि व्यवसाय केंद्र (एसी एंड एबीसी) राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज), हैदराबाद के द्वारा संचालित किया जाता है. कृषि, सहयोग और किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार और नाबार्ड के अलावा छोटे किसान कृषि

कंसोर्टियम (एसएफएसी) के साथ मिलकर यह योजना 2002 से चलाई जा रही है. झारखंड राज्य में इस योजना को चलाने तथा लाभार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए “Mobile Agricultural School & Services” को अहर्ता दी गयी है. इसके तहत विभिन्न कृषि-व्यवसाय मॉड्यूल पर कौशल विकसित करने के लिए 45 दिनों तक मुफ्त में कृषि-उद्यमिता (भोजन, आवास और यात्रा सहित) विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाता है.

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