JharkhandMain SliderRanchi

गलत नियोजन नीति की वजह से JSCC की ग्रेजुएट लेवल समेत थर्ड और फोर्थ ग्रेड की नियुक्तियों पर पड़ेगा असर

विज्ञापन

Ranchi :  रघुवर सरकार में साल 2016 में बनी नियोजन नीति को हाइकोर्ट की वृहद न्यायाधीशों की पीठ ने रद्द कर दिया है. इस नियोजन नीति के मुताबिक, 13 अनुसूचित जिलों में वहीं के रहने वाले लोग किसी भी नियुक्ति के लिए आवेदन कर सकते थे. बाकी 11 गैर अनुसूचित जिलों के लोग इन जिलों की नौकरियों के लिए आवेदन नहीं कर सकते थे.

हाइकोर्ट के नियोजन नीति को रद्द करने के बाद, इसका असर झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से ली जाने वाली सभी तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी पड़ेगा. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से फिलहाल कई नियुक्तियां की जानी हैं. वहीं कई पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया रुकी हुई है.

इसे भी पढ़ें –सरकारी नौकरी के लिए 2016 में बनी नियोजन नीति को  HC ने बताया गलत, कोई भी किसी जिले में कर सकता है आवेदन

advt

सीजीएल के लिए करना होगा इंतजार

हाइकोर्ट के इस आदेश के बाद फिलहाल संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा, पंचायत सचिवालय और डेटा इंट्री ऑपरेटर नियुक्ति परीक्षा, रेडियो ऑपरेटर नियुक्ति परीक्षाओं पर असर पड़ेगा. अक्टूबर माह में स्नातक स्तरीय परीक्षा के लिए मंगाये गये आवेदन की परीक्षा के लिए भी इंतज़ार करना होगा. फिलहाल झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से विभिन्न पदों पर 3000 से अधिक नियुक्तियां करनी है. इन सभी नियुक्तियों पर हाइकोर्ट के इस आदेश का असर पड़ेगा.

इन हो चुकी नियुक्ति पर भी पड़ेगा असर

हाइकोर्ट के आदेश के बाद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से की जा चुकी नियुक्ति पर भी असर पड़ेगा. जिन हो चुकी नियुक्तियों पर असर पड़ेगा. उनमें दरोगा नियुक्ति, वन आरक्षी, रेडियो ऑपरेटर, एक्साइज इंस्पेक्टर, हाइस्कूल शिक्षक नियुक्ति है. इन पदों पर 30 हजार से अधिक लोग चयनित होकर सेवा दे रहे हैं.

क्या थी नियोजन नीति

राज्य सरकार की अधिसूचना संख्या 5393 दिनांक 14 जुलाई 2016 में कहा गया है कि झारखंड के 13 अनुसूचित जिलों में होनेवाली थर्ड और फोर्थ ग्रेड नियुक्तियों के संबंध में उक्त जिलों के पिछड़ेपन को देखते हुए 10 वर्षो तक स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित रहेगी.

11 गैर अनुसूचित जिलों को अनुसूचित जिलों के लोगों सहित देश के योग्य अभ्यर्थियों के लिए खुला रखा गया. अनुसूचित जिला में रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, लातेहार, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़ और साहेबगंज को शामिल किया गया. तो वहीं गैर अनुसूचित जिलों में पलामू, गढ़वा, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, गोड्डा और देवघर को रखा गया.

adv

इसे भी पढ़ें –मॉनसून सत्रः लैंड म्यूटेशन बिल और सहायक पुलिसकर्मियों पर लाठीचार्ज को लेकर BJP का जोरदार हंगामा

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button