न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

चुनाव नजदीक देखकर उपलब्धियां गिनाने के लिए हुआ पलामू मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन, निर्माण से लेकर आधारभूत संरचना है अधूरा

मेडिकल कॉलेज को पूरा करने में अभी कम से कम 6 से 8 महीने से अधिक का समय लगेंगे

235

Dilip Kumar 

Palamu : लोकसभा चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लगने में महज कुछ दिन ही बच गये हैं. ऐसे में लोगों को लुभाने का मौसम भी शुरू हो गया. 17 फरवरी को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पलामू में बन रहे मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन किया. लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है. कॉलेज पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है. आनन-फानन में कॉलेज का उद्घाटन तो कर दिया गया है. लेकिन जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में बन रहे मेडिकल कॉलेज को पूरा करने में अभी कम से कम 6 से 8 महीने से अधिक का समय लगेंगे.

बाहर से चकचक, अंदर से अधूरा 

तस्वीरों में सबसे पहले आप प्रशासनिक बिल्डिंग को देखिए. बाहर से चक-चक, लेकिन अंदर अभी भी कई काम बाकी हैं. सामान आकर गोदाम में पड़े हैं. सजने में अभी समय लगेगा. छात्रों के लिए बन रहा छात्रावास अधूरा है तो पदाधिकारियों और कर्मचारियों के आवास भी हवा-हवाई है. लोग पूछ रहे हैं, आखिर इतनी हड़बड़ी क्यों किया गया मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन.

हजारीबाग से हुआ ऑनलाइन उद्घाटन

17 जनवरी को पूरे तामझाम के साथ हजारीबाग से वीडियो कांफ्रेंस के जरिये देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पलामू जिले में कथित तौर पर पूरी तरह तैयार मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन किया. हालांकि इसकी जमीनी हकीकत चौकाने वाली है. कॉलेज के उद्घाटन के बाद छात्रों के दाखिले के लिए कॉलेज को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता लेनी पड़ती है. जिसके लिए कई अहर्ता तय किए जाते हैं. लेकिन कॉलेज किसी अहर्ता को पूरी नहीं करता है.

क्या है 100 सीट वाले मेडिकल कॉलेज के लिए न्यूनतम आहार्ता

  • मेडिकल कॉलेज के लिए 300 बेड का हॉस्पिटल अनिवार्य
  • एमसीआइ में आवेदन के लिए 180 बेड का हॉस्पिटल अनिवार्य
  • कॉलेज के तीसरे तल्ले के नवीकरण के लिए 500 बेड जरूरी
  • हॉस्पिटल, कॉलेज भवन, लाईब्रेरी, हॉस्टल अनिवार्य
  • 1600 वर्ग मीटर के लाइब्रेरी में कम से कम 7000 पुस्तकें
  • 150 वर्ग मीटर के कम से कम 6 प्रयोगशाला अनिवार्य
  • मेडिकल कॉलेज के सभी हिस्सों में सीसीटीवी होना अनिवार्य
  • हड़बड़ी में क्यों हुआ उद्घाटन?
  • क्रेडिट लेने के लिए हुआ अधूरे काम का उद्घाटन
  • एमसीआइ से मान्यता के लिए कहां से आयेगा 300 बेड का अस्पताल?
  • काम पूरा हुआ नहीं, हो गया उद्घाटन

उद्घाटन के लिए क्यों दिखायी गयी हड़बड़ी?

WH MART 1

किसी अहर्ता को पूरा नहीं करने वाले इस मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन में हड़बड़ी दिखायी गयी. इनमें से किसी भी अहार्ता को फिलहाल पूरा करने में प्रशासन सक्षम नहीं है. शहर में 168 बेड का सदर अस्पताल है. बाकी 150 बेड कहां से आयेगा पता नहीं. लाइब्रेरी में किताबें नहीं पहुंची हैं. भवन तैयार हुआ नहीं, छात्रावास बना नहीं. लेकिन उद्घाटन में दिखा दी गयी हड़बड़ी है. सारी हड़बड़ी उपलब्धियों को दिखाकर जनता से वोट मांगना एक मात्र मकसद है. क्रेडिट जो लेना है. इतनी सारी खामियों के बाद भी बीजेपी के नेता इसे अपनी उपलब्धियों के फेरिस्त में दिखाते हैं.

अब तक एक भी फैकल्टी की नियुक्ति नहीं

एमसीआइ ने पलामू मेडिकल कॉलेज का 17-18 दिसंबर को निरीक्षण किया था. एमसीआइ के बोर्ड ऑफ गर्वनेंस की बैठक के बाद यहां एडमिशन लेने की अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया गया. पलामू मेडिकल कॉलेज के संबंध में कहा गया है कि यहां भी फैक्लटी की नियुक्ति नहीं की गयी है. यहां शत प्रतिशत पद रिक्त हैं. रेजीडेंट डॉक्टरों के भी शत प्रतिशत पद खाली हैं. इसके अलावा 129 स्टाफ नर्स, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट की भी कमी है. अभी तक यहां डीन की नियुक्ति नहीं की गई है. लेक्चर थिएटर और लाइब्रेरी का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है. इसके अलावा कॉमन रूम और हॉस्टल भी नहीं है.

इस सत्र शुरू नहीं हो सकेगी पढ़ायी

मेडिकल कॉलेज के निर्माण से लेकर फैकल्टी की नियुक्ति सहित अन्य कार्यों में कछुए गति को देखने के बाद इस सत्र से पढ़ायी की पूरी संभावना खत्म होती नजर आती है. मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने पलामू के अलावा दुमका और हाजारीबाग को लेकर अपनी रिपोर्ट भेजी है. एमसीआइ ने इन तीनों मेडिकल कॉलेजों को निरीक्षण के बाद अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी है. जिसमें यहां कमियों को बताते हुए स्वास्थ्य सचिव से 30 दिनों के अंदर जवाब देने को कहा है. स्वास्थ्य सचिव को कमियों को दूर करने की दिशा में की जाने वाली कार्रवाई और उसका डॉक्यूमेंट एविडेंस (कागजात) भी एमसीआइ को भेजने को कहा है. जवाब के साथ एमसीआइ के पास रुपये 3.54 लाख का डिमांड ड्राफ्ट भी जमा करने को कहा गया है.

काफी कमियां हैं सदर अस्पताल में

पलामू मेडिकल कॉलेज को अभी पलामू जिले के सदर अस्पताल से जोड़ा गया है. यहां भी काफी कमियां है. 300 बेड के स्थान पर यहां 168 बेड की कमी है. अस्पताल में सेंट्रल पाइपलाइन नहीं है. एक मेजर और एक माइनर ओटी की कमी है. यहां आइसीसीयू और एमआइसीयू नहीं है. दो एक्सरे मशीन की कमी है.

एमसीआइ ने क्या बतायी कमियां

  • फैकल्टी की कमी : 100 प्रतिशत
  • रेजीडेंट डॉक्टर की कमी : 100 प्रतिशत
  • नर्सिंग स्टाफ की कमी: (1 नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, 2 डिप्टी नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, 129 स्टाफ नर्स, 28 पारामेडिकल स्टाफ)
  • डीन कार्यालय नहीं, डीन भी नहीं
  • लेक्चर थिएटर: निर्माणाधीन, लाइब्रेरी: निर्माणाधीन, किताबें और जर्नल नहीं, हॉस्टल नहीं

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

kohinoor_add

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like