West Bengal

#East_West_Metro का उद्घाटन : ममता बनर्जी ने कहा,  मुझे नहीं बुलाया, ठेस पहुंची, भाजपा ने कहा, आमंत्रित किया था

Kolkata :  गंगा नदी के नीचे से गुजरने वाली भारत की पहली ऐतिहासिक ईस्ट-वेस्ट मेट्रो के पहले चरण का उद्घाटन गुरुवार को हो गया.  इसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आमंत्रित नहीं करने को लेकर विवाद मचा था, जिस पर मेट्रो ने सफाई दी थी कि मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया गया था, लेकिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने राज्य विधानसभा में दावा किया है कि उन्हें आमंत्रण नहीं मिला था. उन्होंने कहा कि जब मैं रेल मंत्री थी तब पश्चिम बंगाल के लिए बड़ी संख्या में रेलवे परियोजनाओं को अनुमोदित किया था.  उन्हें हरी झंडी देने में कई अड़चनों का सामना करना पड़ा था आंख से आंसू तक निकल गये थे.

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उद्घाटन से पहले मुझे जानकारी तक नहीं दी गयी

ममता ने आरोप लगाया कि एक छोटे से रूट को चालू किया गया और मुझे आमंत्रित नहीं किया गया.  यहां तक कि उद्घाटन से पहले मुझे जानकारी तक नहीं दी गयी.  फोटो खिंचवाने की जरूरत नहीं थी लेकिन कम से कम मुझे आमंत्रित किया जा सकता था.  मुझे काफी ठेस पहुंची है.  जान लें कि उद्घाटन करने केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल आये थे.  पर्यावरण राज्यमंत्री और आसनसोल से भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो अतिथि के तौर पर मौजूद थे.  क्षेत्र के सांसद, विधायक और विधाननगर निगम की मेयर को आमंत्रित किया गया था. लेकिन दावा किया गया कि इसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आमंत्रित नहीं किया गया है.

इसे लेकर रेलवे के शिष्टाचार पर सवाल खड़ा किया गया था.  इसके बाद मेट्रो रेल की ओर से जारी बयान में बताया गया था कि बुधवार को कोलकाता मेट्रो रेल कारपोरेशन की ओर से अधिकारी मुख्यमंत्री को निमंत्रण देने के लिए राज्य सचिवालय गये थे.  लेकिन कोई जवाब नहीं मिला था.  बावजूद इसके मेट्रो के अधिकारी सीधे सीएम को आमंत्रित करने पहुंचे लेकिन स्वीकार नहीं किया गया.  अब ममता ने दावा किया है कि उन्हें आमंत्रण नहीं किया गया था.

  निर्मला सीतारमण के दावे पर भी खड़ा किया सवाल

  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के दावे पर भी सवाल खड़ा किया.  ममता ने कहा कि पहले निर्मला सीतारमण ने कहा था कि वह पांच चाय बागानों को गोद लेंगी.  लोगों ने उन पर भरोसा किया था और भाजपा उम्मीदवारों को मतदान भी किया था लेकिन कोई काम नहीं हुआ.

 सीएम ने घोषणा करते हुए कहा कि चाय बागान के श्रमिकों की बदहाली को देखते हुए वहां के चार ऐसे बागानों को चिन्हित किया गया है जो खस्ताहाल हो चुके हैं.  सरकार उनका अधिग्रहण करेगी.  वहां श्रमिकों के लिए आवास बनाये जायेंगे.  उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बंगाल को हर जगह वंचित करती है.  सीएम ने दोहराया कि वह बंगाल में कभी भी नागरिकता अधिनियम अथवा एनआरसी को लागू नहीं करने देंगी.  कहा कि बंगाल में भाजपा की कोई भी रणनीति काम नहीं करेगी. यह बिहार या उत्तर प्रदेश नहीं है.

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माकपा का वोट भाजपा को मिला

सीएम के संबोधन से पहले माकपा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने दावा किया था कि तृणमूल का वोट भाजपा की झोली में चला गया था.  इस संबंध में मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि सुजन को बताना चाहिए कि जादवपुर में माकपा क्यों हारी? सच्चाई यह है कि माकपा ने अपना सारा वोट भाजपा को ट्रांसफर कर दिया.  उन्होंने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि वह माकपा के साथ ना रहे नहीं तो अस्तित्व खो देंगे.

  ममता बनर्जी को आमंत्रित किया गया था  : दिलीप घोष

 

ईस्ट वेस्ट मेट्रो के संबंध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दावे को भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने खारिज कर दिया है. शुक्रवार को राज्य विधानसभा में संबोधन करते हुए ममता ने कहा था कि जब वह रेल मंत्री थीं तब उन्हीं की कोशिशों से परियोजना को हरी झंडी मिली थी.  ममता ने दावा किया था कि मेट्रो की ओर से उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया जिसका उन्हें दुख है.  इधर दक्षिण कोलकाता के महाराष्ट्र निवास में भाजपा की रणनीतिक बैठक के इतर मीडिया से बात करते हुए दिलीप ने कहा कि ममता बनर्जी इस मामले में तथ्यहीन बातें कर रही हैं.  उन्होंने कहा कि ममता की पार्टी के लोग ईस्ट वेस्ट मेट्रो परियोजना की राह में  रोड़े अटका रहे थे.

मुख्यमंत्री मेट्रो रेल परियोजना की वाहवाही लूटने की कोशिश कर रही हैं

 बार-बार मेट्रो के काम को रोक कर परियोजना को समस्या में डाल दिया था. वह बाबुल सुप्रियो थे जिन्होंने मेट्रो की राह में पड़ने वाले बस्ती क्षेत्र के लोगों को समझा-बुझाकर परियोजना के काम को आगे बढ़ाया था.तमाम अड़चनों के बावजूद मेट्रो रेल प्रबंधन की ओर से मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया गया था,  लेकिन अब वह झूठ बोल रही हैं.  दिलीप ने कहा कि मुख्यमंत्री मेट्रो रेल परियोजना की वाहवाही लूटने की मौकापरस्त वाली कोशिश कर रही हैं.  

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि वह बंगाल में कभी भी ना तो एनआरसी और ना ही एनपीआर को लागू होने देंगी.  इसे लेकर दिलीप ने कहा कि मुख्यमंत्री की आदत है केंद्र की हर एक परियोजना का विरोध करती है लेकिन उन्हें इसका कोई लाभ कभी नहीं हुआ है. पहले उनके साथ जो लोग थे वे सारे उनका साथ छोड़ कर भाग रहे हैं.  इसलिए वे हताशा में कुछ भी बोल रही हैं.

  मुख्यमंत्री ने विधानसभा में यह भी दावा किया है कि बंगाल में हर किसी को जनसभाएं करने का मौका मिल रहा है। इसे लेकर दिलीप ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस से अधिक जनसभाएं कोई नहीं करता.  हमें तो कहीं भी किसी भी तरह के कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं मिलती है.  हम लोग अगर कोई जनसभा या रैली करते हैं तो उसे गैरकानूनी करार दिया जाता है. विवश होकर हमें बंद कमरे में कार्यक्रम करने पड़ रहे हैं.  यह लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक परिस्थिति है. 

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