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पश्चिम बंगाल में 119 क्विंटल अमोनियम नाइट्रेट और 80 हजार डेटोनेटर बरामद, तीन गिरफ्तार

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Kolkata: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात पांच अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर 11 हजार 900 किलो (119 क्विंटल) अमोनियम नाइट्रेट, 80 हजार डेटोनेटर, 113 जिंदा बम, दो बंदूकें और गोलियां बरामद की गयी हैं. इसके साथ ही तीन लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है. प्रदेश में यह अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा रही है. राज्य प्रशासन का दावा है कि न सिर्फ पश्चिम बंगाल बल्कि देश के दूसरे हिस्से में भी एक साथ इतनी भारी मात्रा में विस्फोटकों को पहले कभी भी बरामद नहीं किया गया है.

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इस जब्ती के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए), अपराध जांच विभाग (सीआइडी), कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां एक दूसरे से समन्वय बना कर इन विस्फोटकों को एकत्रित करनेवाले अन्य आतंकियों की गिरफ्तारी में जुट गयी हैं. सबसे पहले बीरभूम जिले के रामपुरहाट थाना अंतर्गत बड़जोला गांव में एक छोटी नहर पर बने ब्रिज के नीचे से 119 क्विंटल अमोनियम नाइट्रेट और 80 हजार डेटोनेटर बरामद किये गये. मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात गुप्त सूचना मिलने के बाद रामपुरहाट थाने की पुलिस ने यहां छापेमारी कर विस्फोटक बरामद किया है. अंदाजा लगाया जा रहा है कि आतंकवादियों ने इसे एकत्रित करके रखा था. प्राथमिक जांच में यह भी पता चला है कि बुधवार सूर्योदय से पहले इन विस्फोटकों को विभिन्न हिस्से में भेजा जाना था, लेकिन उसके पहले ही पुलिस को इसकी भनक लग गयी. जहां से विस्फोटक मिले हैं उस पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किये गये हैं. आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. किसने इसे यहां एकत्रित किया, इसकी जांच के लिए इलाके में मौजूद छोटे-बड़े सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं.

जिला पुलिस की ओर से इन विस्फोटकों की बरामदगी की सूचना राज्य सीआइडी और कोलकाता पुलिस के एसटीएफ को दी गयी है. एनआइए ने भी इसका संज्ञान लिया है. हालांकि फिलहाल एनआइए इस मामले की जांच अपने हाथ में नहीं ले रही है. जिला पुलिस के साथ मिल कर अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी सीमावर्ती क्षेत्रों में जांच अभियान चला रही हैं.

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चार अन्य जगहों पर भी सारी रात हुई छापेमारी

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उक्त विस्फोटक की बरामदगी के अलावा जिले में प्रशासन ने चार अन्य जगहों पर छापेमारी की है. जिला प्रशासन के मुताबिक भारी मात्रा में बम और बंदूक के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से दो के नाम का खुलासा पुलिस ने नहीं किया है. तीसरे शख्स की पहचान असगर शेख के तौर पर हुई है. वह जिले के सिरसा क्षेत्र के भवानीपुर इलाके का रहनेवाला है. उसे उसके आवास के पास से ही गिरफ्तार किया गया है. उसके पास से चार बड़ी बंदूकें, 22 राउंड गोलियां, एक 7 एमएम का कार्ट्रिज बरामद किया गया है. इसके अलावा जिले के सिउड़ी थाना अंतर्गत भंडारीबन गांव में छापेमारी की गयी. वहां से करीब 40 देसी बम बरामद किये गये. नानूर थाना क्षेत्र के भंडार गांव में भी छापेमारी की गयी जहां से 60 देसी बम मिले. सदाइपुर थाना क्षेत्र के साहापुर क्षेत्र में भी छापेमारी हुई जहां से 13 जिंदा बम बरामद मिले हैं. कुल मिला कर 113 देशी बम बरामद हुए हैं. जहां-जहां से इन विस्फोटकों को बरामद किया गया है, वहां के लोगों से पूछताछ कर इसे एकत्रित करनेवालों की तलाश में पुलिस की टीम जुट गयी है.

पहले भी बरामद होते रहे हैं विस्फोटक

बीरभूम जिले से सटे बर्दवान के खगड़ागढ़ में 2 अक्टूबर 2014 को बम विस्फोट हुआ था, जिसकी जांच एनआइए कर रही है. इसमें बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के आतंकियों के अड्डे का पता चला था. यह भी जानकारी मिली थी कि बर्दवान में बैठ कर आतंकियों ने भारत के साथ-साथ एशियाई प्रायद्वीप और अन्य देशों में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की योजना बनायी थी. इस मामले में एक वांटेड आतंकी हबीबुर्रहमान को गत 25 जून को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया. उसकी निशानदेही पर गत 7 जुलाई को बेंगलुरु के एक गुप्त ठिकाने से देसी तकनीक से निर्मित डेटोनेटर, इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और अन्य विस्फोटक जब्त किये गये हैं. अब जब बीरभूम से इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक मिले हैं तो सुरक्षा एजेंसियां आश्वस्त हैं कि इसके पीछे भी आतंकियों का ही हाथ है. विगत 20 दिनों के अंदर एक स्वास्थ्य केन्द्र और एक क्लब के अंदर विस्फोट होने से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है.

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