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ढाई साल में ही धंस गया 36 करोड़ का पुल, उद्घाटन भी नहीं हुआ था

Dilip Kumar

Palamu : बड़े वाहनों के डालटनगंज शहर में प्रवेश रोकने और उन्हें बाइपास से ही पड़ोसी राज्यों के लिए निकालने के लिए कोयल नदी में सिंगरा और चैनपुर के पूर्वडीहा के बीच नया पुल बनाया गया है. लेकिन बनने के ढाई से तीन वर्ष के भीतर ही यह पुल धंस गया. इसके साथ ही इसके निर्माण पर सवाल उठने लगे हैं. पुल के बीचोबीच हिस्से को नुकसान पहुंचा है.

निर्माण के बाद अब तक नहीं हुआ उद्घाटन

पुल के निर्माण हुए ढाई से तीन वर्ष बीत गये हैं, लेकिन इसका उद्घाटन अब तक नहीं हो पाया है. पुल के दोनों तरफ तीन वर्ष बाद भी एप्रोच पथ नहीं बन पाये हैं. पथों का मामला लंबे समय से पेंडिंग है और यह विभाग के ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है. बावजूद जर्जर पथों से हर दिन वाहन गुजरते हैं और हादसे के शिकार हो जाते हैं. अब तक एक दर्जन सड़क हादसे इस पुल से गुजरते वक्त हो गए हैं, जिसमें कई लोगों की जान भी चली गयी है.

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36 करोड़ की लागत से बना है पुल

आज से तीन वर्ष पहले इस पुल का निर्माण 36 करोड़ की लागत से पूरा किया गया था. राजवीर कंस्ट्रक्शन ने इस पुल का निर्माण किया था. उसके बाद से पुल का उद्घाटन नहीं हुआ. विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस पुल से होकर रेलवे को ओवरब्रिज बनाना है. नतीजा विभाग एप्रोच पथ बनाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है. विभागीय सूत्रों का कहना है कि रेलवे जब पुल से होकर ओवरब्रिज बना देगा तो एप्रोच पथ बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. ऐसे में मामला के लटके-लटके तीन वर्ष बीत गये हैं. ना तो रेलवे की ओर से अब तक ओवरब्रिज बनाने की शुरुआत की गयी और ना ही एप्रोच पथ बनाने में दिलचस्पी दिखायी गयी है. इस बीच इतना जरूर हुआ है कि नया पुल जर्जर स्थिति में पहुंचने लगा है.

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ग्रामीणों का प्रयास बेकार

पुल से सटे पूर्वडीहा गांव के लोग एप्रोच पथ बनाने के लिए कई बार पीडब्लूडी (सड़क) को लिखित जानकारी देकर आग्रह कर चुके हैं, लेकिन विभाग रेलवे द्वारा ओवरब्रिज बनाने की दलील देकर मामले को तीन वर्ष से लटकाये हुए है. गांव के युवा समाजिक कार्यकर्ता विकास दुबे ने कहा कि कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन हर बार विभाग पुराना राग अलापता रहता है. इसलिए गांव के लोगों ने अब आग्रह करना छोड़ दिया और विभाग की तरह ही रेलवे द्वारा ओवरब्रिज बनाने की प्रतीक्षा में हैं.

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पुल के चालू हो जाने क्या फायदा होगा?

सिंगरा और चैनपुर के चेड़ाबार के बीच बने इस पुल के सुचारू रूप से चालू हो जाने से गढ़वा होकर छतीसगढ़ और यूपी जाने वाले बड़े वाहनों का प्रवेश डालटनगंज शहर में नहीं हो पायेगा. वाहन सिंगरा से ही पुल से होकर चेड़ाबार होते गढ़वा मार्ग की ओर निकल जायेंगे. इसी तरह छतीसगढ़ और यूपी से बिहार जाने वाले बड़े वाहन पुल से होकर सीधे एनएच 39 और फिर एनएच 98 से होकर निकल सकेंगे.

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पुल का स्लैब क्षतिग्रस्त हुआ, इसकी मरम्मत करायी जायेगी : एसई

पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता रामेश्वर साह ने बताया कि पुल के स्लैब को नुकसान पहुंचा है. इसका मुआयना कर इसकी मरम्मत करायी जायेगी. स्लैब के क्षतिग्रस्त होने से पुल को कोई नुकसान नहीं हो सकता. विभाग इसे गंभीरता से ले रहा है.

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