न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सिंडिकेट की बैठक में आरयू ने फीस वृद्धि में किया संशोधन, यूजी में प्रतिमाह 100 और पीजी में 125 रुपये देने होंगे

238
  • एक जून की बैठक में यूजी के लिए 125 और पीजी में 150 रुपये प्रतिमाह वृद्धि की गयी थी
  • यूजी में सालाना 2350 और पीजी में 2850 रुपये देने होंगे
mi banner add

Ranchi: रांची यूनिवर्सिटी की सिंडिकेट की बैठक गुरुवार को हुई. इस बैठक में एक जून को यूनिवर्सिटी की वित्त समिति की फीस बढ़ोत्तरी के निर्णय को वापस लिया गया. सिंडिकेट की बैठक में काफी देर तक विचार-विमर्श किया गया. जिसके बाद उक्त निर्णय लिया गया. हालांकि एक जून को लागू की गयी फीस में सुधार करते हुए न्यूनतम वृद्धि की गयी है. बढ़े हुए दर पर यूजी के लिए छात्रों को 125 रुपये प्रतिमाह देना था. वहीं नयी फीस व्यवस्था के बाद छात्रों को प्रति माह 100 रुपये देने होंगे. वहीं पीजी के लिए प्रतिमाह 150 की जगह 125 रुपये देने होंगे. जबकि पूर्व व्यवस्था में यूजी के लिए प्रतिमाह 12 रुपये और पीजी के लिए 15 रुपये प्रतिमाह लिये जाते थे. बढ़ी फीस इसी सत्र से लागू होगी. दो जून को वित्त समिति की ओर से लिये गये अन्य निर्णयों को यथावत रखने का निर्णय लिया गया.

इसे भी पढ़ें – पेंशन भुगतान में झारखंड में SC के आदेश की हो रही अवहेलना- भोजन का अधिकार अभियान

यूजी में सालाना 2350 और पीजी में 2850 रुपये देने होंगे

इस संशोधित फीस वृद्धि में यूजी के छात्रों को सालाना 2350 और पीजी के छात्रों को 2850 रुपये देने होंगे. हालांकि छात्र संगठनों की ओर से भी इस संबध में काफी दबाव बनाया गया था. तब जा कर रांची यूनिवर्सिटी ने फीस दरों में संशोधन किया. इसके पहले के सालों में यूनिवर्सिटी की ओर से 1540 रुपये लिये जाते थे. संशोधन के बाद भी रांची यूनिवर्सिटी की ओर से जो नये मदों को जोड़ा गया है उन्हें यथावत रखा गया है. जिसमें कॉलेज सेक्युरिटी 50 रुपये, आइडी 50 रुपये, फील्ड वर्क के लिए 200, एनसीसी के लिए 30 और साइकिल या बाइक स्टैंड के लिए 20 रुपये देने होंगे.

इसे भी पढ़ें – झारखंड में इंजीनियरिंग, पोलिटेक्निक व मैनेजमेंट संस्थानों के लिए संबद्धता आसान नहीं

पेपर और पीएचडी थीसिस मूल्यांकन में वृद्धि

स्नातक और स्नातकोत्तर में पेपर मूल्याकंन की दरों में वृद्धि की गयी है. स्नातक के लिए 20 और स्नातकोत्तर के लिये 25 रुपये लिये जायेंगे. जबकि पहले स्नातक के लिए 13 और स्नातकोत्तर के लिए 20 रुपये लिये जाते थे. पीएचडी थीसिस मूल्याकंन के लिए अब शोधार्थियों को 2000 देने होंगे. वहीं स्क्रूटनी के लिए 25 रुपये प्रति कॉपी देना होगा.

इसे भी पढ़ें – आइआइटी धनबाद में 160 व एनआइटी जमशेदपुर में 66 सीटें लड़कियां के लिए आरक्षित

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: