JharkhandRanchi

टाटा स्टील लिमिटेड की जनसुनवाई में उपभोक्ताओं ने कहा- कंपनी प्रॉफिट में चल रही तो बिजली दर क्यों बढ़े

Ranchi: टाटा स्टील लिमिटेड के नये बिजली टैरिफ के लिए शुक्रवार को वर्चुअल जनसुनवाई की गयी. जनसुनवाई विद्युत नियामक आयोग की ओर से की गयी. टाटा स्टील लिमिटेड की ओर से जमशेदपुर विद्युत आपूर्ति क्षेत्र में बिजली सप्लाइ की जाती है.

प्रस्ताव के मुताबिक लो टेंशन घरेलू सप्लाइ के लिए तीन रुपये से छह रुपये तक बिजली दर बढ़ाने का प्रस्ताव है. हाइटेंशन घरेलू कनेक्शन के लिए 5.50 रुपये तक, कृषि और सिंचाई कार्यों के लिये छह रूपये तक और कर्मिशयल कनेक्शनधारियों के लिये सात रूपये प्रति केडब्लयूएच बिजली दर बढ़ाने का प्रस्ताव है.

जनसुनवाई में शामिल बिजली उपभोक्ताओं ने कंपनी की ओर से बिजली टैरिफ बढ़ाने पर आपत्ति जतायी. क्षेत्र के उपभोक्ताओं ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि कमर्शियल फिक्स्ड चार्जेस में 110 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव है, जो काफी अधिक है. लॉकडाउन के पहले ये प्रस्ताव दिया गया था. अब परिस्थितियां कुछ और है जिसे ध्यान में रखा जाना चाहिए.

इसे भी पढ़ें – Cartoons: कार्टूनिस्ट मोनी की नजर में राजस्थान प्रकरण से लेकर राम मंदिर तक

कंपनी की टैरिफ पॉलिसी समझ के परे

कुछ उपभोक्ताओं ने आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि जिस तरह से प्रस्ताव में बिजली दर वृद्धि की जानकारी दी गयी है, ये बिलकुल गलत है. टैरिफ पॉलिसी बिलकुल समझ के परे है. कंपनी को पिछले पांच साल से लाभ मिल रहा है. इसके बाद भी कंपनी बिजली बिल में बढ़ोतरी करना चाहती है.

900 करोड़ का लाभ पिछले पांच साल में कपंनी को मिला. जबकि कोरोना लॉकडाउन के बाद लोगों की स्थिति बिगड़ गयी है. घरेलू उपभोक्ता बिल नहीं दे पा रहे. वहीं व्यापारियों के उद्योग बंद होने से वे पूरी तरह से घाटे में गये. इसके बाद भी बिजली बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर आयोग को ध्यान दिया जाना चाहिए.

इसे भी पढ़ें – झारखंड सहित देश के 10992 संस्थानों में मिलेगी तकनीकी शिक्षा, 3209703 सीटों को AICTE ने दी है मंजूरी

जनता के हित में नहीं प्रस्ताव

चेंबर प्रतिनिधि महेश सोंथालिया ने आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि कंपनी की ओर से पेश आंकड़े बताते हैं कि कंपनी लाभ में है. प्रस्ताव जनता के हित में नहीं है. अन्य उपभोक्ताओं ने कहा कि कंपनी ने प्रस्ताव में टैक्स पेमेंट और इनकम टैक्स की जो जानकारी कंपनी की ओर से दी गयी है, इसमें आयोग को ध्यान देना चाहिए.

बता दें कि विद्युत नियामक आयोग की ओर से जिलावार बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनियों की जनसुनवाई की जा रही है.

इसे भी पढ़ें – झारखंड कांग्रेस के असंतोष की डोर दिल्ली दरबार तक दे चुकी है दस्तक

7 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button