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लेवी के नाम पर नक्सलियों की ‘फंडिंग’ कंपनियों पर कसा शिकंजा, तीन एजेंसियों को ED ने किया तलब

झारखंड की तीन कंपनियों से ईडी करेगी पूछताछ

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Patna: नक्सली निजी कंपनियों को डरा-धमका कर लेवी के नाम पर मोटी रकम वसूल करते हैं, और बाद में उन्हीं रुपयों से हथियार, गोला-बारुद खरीदकर देश विरोधी काम करते हैं. लेकिन केंद्र सरकार ने नक्सलियों की कमर तोड़ने की तैयारी कर ली है. और इसके लिए केंद्र सरकार ने नक्सलियों की ‘टेरर फंडिंग’ रोकने के लिए कदम उठाया है. दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लेवी के नाम पर नक्सलियों को मोटी रकम पहुंचाने वाली निर्माण एजेंसियों पर शिकंजा कसा है. पूरे मामले में बिहार-झारखंड की 6 एजेंसियों को लिस्ट किया गया है, जो लेवी के नाम पर भारी रकम नक्सलियों तक पहुंचाते हैं.

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मल्टी डिसिप्लिनरी टास्क फोर्स ने शुरु की जांच

नक्सलियों के देश विरोध अभियान के लिए ‘टेरर फंडिंग’ रोकने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश के पांच प्रीमियर एजेंसियों को मिलाकर, मल्टी डिसिप्लिनरी टास्क फोर्स का गठन किया है. इस टास्क फोर्स ने मामले की जांच शुरु की है. और बिहार-झारखंड की 6 एजेंसियों को चिन्हित किया है, जो नक्सलियों को करोड़ों की राशि पहुंचाते हैं.

झारखंड की तीन एजेंसियों को ED का नोटिस

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मल्टी डिलिप्लिनरी टास्क फोर्स द्वारा लिस्टेड 6 एजेंसियों में से तीन निर्माण एजेंसियों को प्रवर्तन निदेशालय ने नोटिस दिया है. खबर है कि इनसे पटना स्थित ईडी ऑफिस में पूछताछ की जायेगी. जबकि बाकी की तीन एजेंसियों के खिलाफ जांच लगभग पूरी होने वाली है. अनुमान लगाया जा रहा है कि ईडी पूछताछ में ये जानने की कोशिश करेगी कि आखिर किस कारण से ये निर्माण कंपनियों करोड़ों की राशि नक्सलियों को देने को तैयार होते हैं. साथ ही इस बात की भी जांच होगी कि क्या एजेंसी ने नक्सली धमकी से संबंधित कोई शिकायत किसी पुलिस स्टेशन या दूसरी एजेंसी में करवाई है या नहीं.

झारखंड की जिन तीन एजेंसियों को ईडी ने नोटिस जारी किया है, उनका नाम है रुंगटा प्रोजेक्ट, एसके कॉनकास्ट प्राइवेट लिमिटेड और आधुनिर पावर प्रोजेक्ट शामिल हैं. वही तीन अन्य कंपनियों के नाम फिलहाल नहीं बताए गए हैं.

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