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जांच के नाम पर पुलिस ने बना डाली दस हजार पन्नों की फाइल, सफेदपोशों को बचाने की कोशिश !

मानगो नाबालिग दुष्कर्म के आरोपियों को क्यों बचा रही थी पुलिस : सेठ दंपती

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Jamshedpur: मानगो सहारा सिटी की नाबालिग से दुष्कर्म मामले में मुख्यमंत्री, गृह सचिव व जोनल आईजी के निर्देश पर जांच की प्रक्रिया तेज दिख रही है. पीड़िता द्वारा मुख्यमंत्री से गुहार लगाने के बाद मामले की जांच करने कोल्हान डीआईजी कुलदीप द्विवेदी ने एसएसपी अनूप बिरथरे, डीएसपी (हेड क्वार्टर वन) केएन मिश्रा और केस के अनुसंधानकर्ता मानगो थाना प्रभारी अरूण महथा के समक्ष ही पीड़िता समेत नानकचंद सेठ और उनकी पत्नी ममता सेठ से करीब दो घंटे तक घटना को लेकर पूछताछ की.

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10 हजार पन्नों की फाइल

डीएसपी मिश्रा और अनुसंधानकर्ता अरुण महथा मामले से संबंधित 10 हज़ार पन्नों की फ़ाइल लेकर पहुंचे थे. इस फ़ाइल की तफ्तीश भी पुलिस फिर से कर रही है. पीड़िता ने बताया कि डीएसपी अजय केरकेट्टा, इंस्पेक्टर इमदाद अंसारी ने उसके साथ गलत किया है. उसका गर्भपात भी कराया गया. लेकिन पुलिस ने पूरे जांच में इसका कही भी जिक्र नहीं किया. उसने पुलिस को घटनास्थल भी दिखाया, लेकिन उसे केस डायरी में शामिल नहीं किया गया. पुलिस उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है.

जांच में बरती गई लापरवाही

नानकचंद्र सेठ और उनकी पत्नी ममता सेठ ने डीआईजी को बताया कि उन्होंने घटना से जुड़े कई सबूत पुलिस को दिए. लेकिन पुलिस ने उसपर ना ध्यान दिया ना कोई काम नहीं किया. वीडियो क्लिप और ऑडियो क्लिप भी दिए गए. लेकिन पुलिस ने जांच नहीं की. पीड़िता द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाले मोबाइल के कॉल डिटेल्स को भी सही तरीके से नहीं खंगाला गया. कॉल डिटेल में पुलिस ने मोबाइल नंबर को सहारा सिटी के बाहर नहीं जाने की बात कही. जबकि, मोबाइल लेकर कई बार वे लोग बाहर गए. बावजूद मोबाइल का टावर लोकेशन बाहर का नहीं बताया गया.

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इसके अलावा जिस नर्सिंग होम में पीड़िता का गर्भपात कराया गया. उस नर्सिंग होम की भी पुलिस ने जांच सही तरीके से नहीं की. सेठ दंपती ने डीआईजी से कहा कि पुलिस की जांच से तंग आकर ही वे लोग मुख्यमंत्री के पास न्याय की गुहार लगाने गए थे. पीड़िता के बयान पर ही इंद्रपाल सैनी, शिव कुमार महतो और श्रीकांत महतो को पुलिस ने जेल भेजा, लेकिन मामले के अन्य आरोपी डीएसपी अजय केरकेट्टा, इंस्पेक्टर इमदाद अंसारी व अन्य के खिलाफ अबतक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.

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नहीं बख्शे जायेंगे दोषी- डीआईजी

वैसे अब डीआईजी का कहना है कि सबूत मिले तो रसूखदारों पर भी कार्रवाई होगी. कुछ बिंदुओं पर दोबारा जांच होगी. इसके साथ ही एफआईआर के अलावा कुछ नाम अलग से लिए गए है, जिनमें पुलिस अधिकारी भी हैं. उनकी गहन जांच की जाएगी, ताकि कोई भी दोषी न बचे.

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