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मॉब लिंचिंग और भूख से मौत के मामले में डॉ अजय कुमार ने मानवाधिकार आयोग को लिखा पत्र

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Ranchi : राज्य में हुई मॉब लिचिंग और कथित रूप से भूख से मौत के मामले को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को एक पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने राज्य में लगातार हो रही उक्त घटनाओं का जिक्र करते हुए इसे राज्य सरकार की नाकामी बतायी है. अध्यक्ष को लिखे पत्र की एक प्रतिलिपि प्रदेश अध्यक्ष ने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, राज्य सभा सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह, सह-प्रभारी उमंग सिंघार, पार्टी विधायक दल के नेता आलमगीर आलम को भी भेजी है.

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39 लोगों की हो चुकी है मौत, हाइकोर्ट के निर्देशों का हुआ उल्लंघन

अध्यक्ष को लिखे पत्र में डॉ अजय कुमार ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में कुल 39 लोगों की मौत (21 लोग कथित रूप से भूख और 18 की मॉब लिंचिंग) हो चुकी है. इसमें से अधिकांश पीड़ित आदिवासी, दलित और मुस्लिम थे. उपरोक्त घटनाएं पूरी तरह से सरकार की नाकामी को साबित करती हैं. घटनाएं बताती हैं कि राज्य के गरीबों और हशिये पर जीवन जीनेवालों को सरकार गरिमापूर्ण जीवन नहीं दे पा रही है. डॉ अजय ने कहा कि भोजन के अधिकार कानून में भी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भूख से मौत मामले में संबंधित राज्य सरकार दोषी है. संबंधित केस में मॉब लिंचिंग से जुड़ी प्रक्रिया निर्धारित की गयी है. लेकिन इन दोनों ही मामलों में जारी निर्देशों का सरकार द्वारा उल्लंघन किया गया है.

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हस्तक्षेप कर सरकार को निर्देश देने की अपील

अध्यक्ष से अपील करते हुए डॉ अजय ने कहा कि राज्य में घटित उपरोक्त मामलों में आयोग जल्द ही हस्तक्षेप करे. और राज्य सरकार को कथित रूप से भूख से हुई मौतें, सामाजिक-आर्थिक कार्यक्रमों जैसे राशन, सामाजिक पेंशन और नरेगा जैसी योजनाओं का उल्लंघन करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, इन कल्याणकारी कार्यक्रमों से आधार और बायोमेट्रिक की बाध्यता को रद्द करने, मॉब लिंचिग के खिलाफ उचित कार्रवाई करने, पीड़ित परिवारों को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने सहित सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सरकार द्वारा पालन करने का निर्देश देने की मांग डॉ अजय कुमार ने की है.

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