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लोकसभा में अमित शाह ने कहा, अर्बन नक्सलियों के लिए हमारे दिल में कोई दया नहीं  

NewDelhi : लोकसभा में बुधवार को अमित शाह ने अर्बन नक्सलियों को लेकर कहा कि जो लोग अर्बन माओइज्म के लिए  काम करते हैं उनके लिए हमारे दिल में बिल्कुल भी संवेदना नहीं है. आज गृह मंत्रालय की तरफ से पेश  विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) संशोधन बिल (Unlawful Activities (Prevention) Amendment Act- UAPA) पर चर्चा की गयी.  एस क्रम में विपक्ष ने  चर्चा के दौरान बिल का विरोध किया और  सरकार पर निशाना साधा.

विपक्षी सांसदों ने बिल को खतरनाक तथा जनविरोधी  विरोधी करार दिया

विधेयक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई.  विपक्षी सांसदों ने बिल को खतरनाक तथा जनविरोधी, संविधान विरोधी करार दिया.  ओवैसी ने तो बिल को मुस्लिम और दलित विरोधी तक बता डाला.  बाद में सवालों के जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर तीखे पलटवार करते हुए कहा कि बिल अपराधियों और आतंकवादियों पर नकेल कसेगा. बिल पर सरकार को बीजू जनता दल का समर्थन मिला.

भाजपा ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार के कदमों की तारीफ की.  तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने बिल को खतरनाक तथा जनविरोधी करार देते इसे वापस लेने की मांग की.  उन्होंने कहा कि सदन में किसी भी विधेयक का विरोध करने पर विपक्ष के सदस्यों को राष्ट्रविरोधी करार दे दिया जाता है.  हमें विपक्ष में रहने की वजह से यह जोखिम क्यों है? उनकी इस बात का भाजपा  के कई सदस्यों ने विरोध किया

चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला. अमित शाह ने कहा कि आज समय की मांग है कि आतंकवाद के खिलाफ कठोर कानून बनाया जाये.  साथ ही कहा कि कानून के दिल में अर्बन नक्सलियों के लिए कोई दया नहीं है. जान लें कि लंबी बहस के बाद लोकसभा में  बिल पास हो गया.

अमित शाह ने कहा कि यह कानून इंदिरा गांधी की सरकार लेकर आयी थी, हम तो बस इसमें छोटा-सा संशोधन कर रहे हैं. लेकिन विपक्ष के जो नेता इसका विरोध कर रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि जब उन्होंने इस बिल में संशोधन किया था वो भी सही था और आज जो हम कर रहे हैं वो भी सही है. अर्बन नक्सलियों को लेकर उन्होंने कहा कि सामाजिक जीवन में देश के लिए काम करने वाले बहुत लोग हैं, लेकिन अर्बन माओइज्म के लिए जो काम करते हैं उनके लिए हमारे दिल में बिल्कुल भी संवेदना नहीं है.

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आतंकवाद बंदूक से नहीं बल्कि प्रचार और उन्माद से पैदा होता है

कानून के दुरुपयोग के सवाल पर गृह मंत्री ने कहा कि इस बिल में प्रावधान हैं कि किसी व्यक्ति को कब आतंकी घोषित किया जायेगा. उन्होंने कहा कि आतंकवाद बंदूक से नहीं बल्कि प्रचार और उन्माद से पैदा होता है. ऐसा करने वालों को आतंकी घोषित करने में किसी को आपत्ति क्यों हो रही है. अमित शाह बोले कि विपक्ष कह रहा है कि सरकार इसके जरिए किसी भी कंप्यूटर में घुस जायेगी, अगर आतंकवाद से जुड़ा काम करोगे तो पुलिस आपके कंप्यूटर में जरूर घुसेगी.

गृह मंत्री ने कहा कि हालांकि इस बिल में भी हमने अपील के लिए विकल्प खुले रखे हैं.  जो लोग यूपीए सरकार के दौरान हमारे खिलाफ जांच कर रहे थे वही आज एनआईए में कार्यरत हैं, तब उनपर भरोसा था तो आज क्यों नहीं है. अमित शाह ने कहा कि अगर व्यक्ति के मन में आतंकवाद है तो संगठन को बैन करने से कुछ नहीं होगा, तब वह नया संगठन बना लेगा, इस वजह से व्यक्ति को भी आतंकी घोषित करने का प्रावधान लाना जरूरी है.

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