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भारत से दोस्ती की आस में इमरान ने पाकिस्तान के हिंदू तीर्थस्थलों को खोलने के संकेत दिये

Islamabad : हमें इतिहास से सीखना चाहिए, उसमें जीना नहीं चाहिए और उससे बाहर निकलना चाहिए. भारत केे गुनहगार दाऊद इब्राहिम और मुंबई हमले का मास्टर माइंड हाफिज सईद के मसले उन्हें विरासत में मिले हैं.  इसके लिए उनकी सरकार जिम्मेदार नहीं है.  अपनी सरकार के सौ दिन पूरे होने के अवसर पर भारतीय पत्रकारों से बातचीत के क्रम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने यह बात कही.  बता दें कि इमरान खान ने करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास के बाद कश्मीर में शारदा पीठ, कटासराज सहित अन्य हिंदू तीर्थस्थलों को भी खोलने के संकेत दिये हैं. खान ने कहा कि वह कश्मीर में शारदा पीठ, कटासराज सहित अन्य हिंदू तीर्थों के कॉरिडोर खोलने के प्रस्ताव पर भी विचार कर सकते हैं.   इस क्रम में कहा कि अतीत के मसले के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.   पाकिस्तान के लोग अमन चाहते हैं और दोनों देशों के मसले हल करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी से बात करने में उन्हें खुशी होगी.

बता दें कि खान भारत के सार्क सम्मेलन का न्योता ठुकराने और बातचीत पर तल्ख रुख अपनाने के बाद अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे.  जान लें कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि पाकिस्तान जब तक आतंकवादी गतिविधियां बंद नहीं करता, तब तक बातचीत नहीं हो सकती.  भारत ने पाकिस्तान को सख्त लहजे में सीमा पार के आतंकवादियों को संरक्षण देना बंद करने का संदेश दिया था.

हमें इतिहास से सीखना चाहिए, उसमें जीना नहीं चाहिए

पत्रकारों से बातचीत में इमरान ने कहा कि हमें इतिहास से सीखना चाहिए, उसमें जीना नहीं चाहिए.  हाफिज सईद और दाऊद इब्राहिम को सजा के सवाल पर खान ने कहा कि उनके खिलाफ तो संयुक्त राष्ट्र ने पहले ही शिकंजा कस रखा है.  बता दें कि हाल ही में सुरक्षा परिषद ने आतंकियों की सूची जारी की थी, जिसमें दाऊद भी शामिल था और उसका पता कराची बताया गया था.  करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास कार्यक्रम में इमरान ने भारत से संबंध सुधारने की मंशा तो जताई थी. हालांकि आतंकवाद पर चुप्पी साधे रखी.  पाक पीएम ने जेल में बंद 33 वर्षीय भारतीय कैदी का मसला सुलझाने का भरोसा दिया है.  दरअसल मुंबई निवासी हामिद नेहाल अंसारी को पाकिस्तान में एक युवती से मिलने के लिए अवैध रूप से प्रवेश करने के लिए गिरफ्तार किया गया था.

इमरान ने कहा कि मुझे इस मसले के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन हम पूरा प्रयास करेंगे. खबरों के अनुसार ऑनलाइन दोस़्ती के बाद अंसारी अपनी दोस्त से मिलने के लिए अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान चला गया था.  वर्ष 2012 में गिरफ्तारी के बाद से वह पेशावर सेंट्रल जेल में बंद है.

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