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वाहनों के फिटनेस में देना पड़ रहा है 471 रुपये अतिरिक्‍त शुल्क, एसोसिएशन ने जताया विरोध

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Ranchi: झारखंड ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन ने अपने वाहनों के फिटनेस कराने में लग रहे अतिरिक्त राशि पर विरोध जताया है. एसोसिएशन से जुड़े दीपक ओझा का कहना है कि सरकार ने आदेश जारी कर रांची जिले के ओरमांझी में बने ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर से ही वाहनों को फीटनेस कराना अनिवार्य कर दिया है. जबकि, हकीकत यह है कि आज भी यहां वाहनों के फीटनेस कराने में काफी परेशानी होती है. दूसरी और अन्य जिलों की तुलना में इस सेंटर से रांची के वाहन मालिकों को अतिरिक्त 471 रुपये शुल्‍क देना पड़ता है, जो कि न्यायसंगत नहीं है. सेंटर में वाहनों को फीटनेस प्रमाण पत्र देने की क्षमता भी काफी कम है.

वाहनों का फिटनेस टीयूवी-एसयूडी से हो रहा है जारी

मालूम हो कि 31 अक्टूबर के बाद से सरकार के दिशानिर्देश अनुसार सभी व्यावसायिक वाहनों का फिटनेस सर्टिफिकेट राजधानी के ओरमांझी में जापान के सहयोग से निर्मित टीयूवी-एसयूडी साउथ एशिया से जारी किया जाना है. इस फिटनेस केंद्र की स्थापना छह करोड़ की लागत से की गयी है. इस सेंटर पर स्वचालित मशीनों से वाहनों के फिटनेस की जांच की जाती है. रांची में मॉडल फिटनेस केंद्र की स्थापना की गयी है. इसके सफल होने पर सभी जिलों में फिटनेस केंद्र खोले जाने की बात भी सरकार ने की है.

सेंटर में फीटनेस कराने की क्षमता है कम

दीपक ओझा का कहना है कि राज्य के अऩ्य जिलों में जहां वाहनों के फीटनेस में 945 रुपये लगते हैं. वहीं रांची वाहन मालिकों को 1416 रुपये (अतिरिक्त 471 रुपये) देना पड़ता है. वहीं खेलारी कोल्ड फील्ड में चलाने वाले वाहनों को रांची सेंटर आऩे-जाने में काफी लागत लगती है. इससे उन्हें व्यवसाय में काफी नुकसान होता है. एक साल में इस ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर में 38,000 गाड़ियों की फिटनेस टेस्‍ट कराने की व्यवस्था है. जबकि रांची में ही कुल व्यवसायिक वाहनों की संख्या करीब 4 लाख के करीब है.

एमवीआइ से हस्ताक्षर व्यवस्था को समाप्त करे सरकार

ओरमांझी सेंटर की स्थिति को देख एसोसिएशन के शिवशंकर प्रसाद का कहना है कि सरकार ने 1 नवंबर 2018 से नियम बना कर वाहनों के फीटनेस सर्टिफिकेट के लिए मोटर वेहीकल इंस्पेक्टर (एमवीआइ) का काउंटर साइन (प्रतिहस्ताक्षर) जरूरी कर दिया गया है. जबकि हकीकत यह है कि एमवीआइ फीटनेस में हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं. ऐसे में सरकार तत्काल एमवीआइ से हस्ताक्षर की व्यवस्था को समाप्त करे. साथ ही जब तक राजधानी में 6 से 8 फिटनेस टीयूवी सेंटर नहीं बनते हैं, तब तक एमवीआइ द्वारा कैम्प लगाकर फिटनेस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाये.

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