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पहले चरण में 22 हजार किसानों को मिलेगा मोबाइल फोन, किसानों का ई नाम पोर्टल में पंजीकृत होना जरूरी

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Ranchi : सीएम रघुवर दास के घोषणा के अनुरूप राज्य के पंजीकृत सभी 22 हजार किसानों को मोबाल देगी. मोबाइल पाने के लिए किसानों को ई नाम पोर्टल के तहत पंजीकृत होना जरुरी है. पहले चरण मे 22 हजार किसानों को मोबाइल बांटी जाएगी. वहीं अगले वित्तीय वर्ष में सभी 28 लाख किसानों को मोबाइल वितरित कर दिया जाएगा. मोबाइल फीचर फोन होगा या स्मार्ट यह सचिवों की कमेटी तय करेगी. फोन के माध्यम से किसान जान सकेंगे कि मौसम कैसा रहेगा. फसल की बाजार में रेट क्या है. सरकार के दवारा किसानों के लिए चलायी जा रही योजना क्या है. फोन में जितने भी एप्प होंगे अधिकतर हिंदी में होंगे. प्रथम चरण में किसानों को मोबाइल फोन बांटने के लिए 4.37 करोड़ की राशि स्वीकृत की गयी है.

सुकन्या योजना होगी शुरू, सात कैटेगरी में मिलेंगे पैसे

महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा पर जोर देने और बाल विवाह पर रोकथाम के उद्देश्य से सुकन्या योजना चालू की गयी है. सुकन्या योजना के तहत 7 कैटेगरी में पैसों का भुगतान किया जाएगा. जन्म के वक्त 5 हजार मां के खाते में दी जाएगी. पहली क्लास में नामांकन के वक्त 5 हजार बच्ची के खाते में दी जाएगी. उसके बाद पांचवी, आठवीं, दसवीं और बारहवीं पास करने पर फिर से पांच पांच हजार बच्चियों के खाते में दिये जाएंगे. वहीं 18 से 20 साल तक शादी नहीं होने पर एक बार दस हजार तक की राशि दी जाएगी.

तत्काल प्रभाव में जो भी जिस कैटेगरी में योग्य होगा उसके तहत लाभ मिलेगा. ये योजना मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना को रिस्ट्रक्चर करते हुए बनाया गया है. इस योजना के तहत चिन्हित करने के लिए एक्सकल्यूशन, इंक्लयूशन हाउसहोल्ड  के 27 लाख 46 हजार 106 लोग को चिन्हित किया गया है. वहीं अंत्योदय के तहत 9 लाख 11 हजार 217 लोग को चिन्हित किया जा चुका है. इसके लिए इनकम सर्टिफिकेट की जरुरत नहीं पड़ेगी.

गढ़वा पाइपलाइन योजनाः 14240 हेक्टेयर भूमि को मिलेगी पटवन की सुविधा

गढ़वा जिला पाइपलाइन योजना के तहत विभिन्न जलाशयों को रिचार्ज करने की योजना है. इसके लिए 1169.28 करोड़ रुपये की स्वीकति दी गयी है. इस योजना के तहत 14240 हेक्टेयर क्षेत्र को पटवन की सुविधा मिल पाएगी. 3,28194 लोगों को पेयजल की सुविधा मिल सकेगी. 240 किलोमीटर लंबी इस पाइपलाइन योजन से तीन जगहों से पानी को अपलिफट किया जाएगा. इसके लिए भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. सभी के खेतों से छह फीट नीचे से पाइप बिछाई जाएगी, जिसके बाद उस जमीन पर खेती कर सकेंगे. इसके लिए सरकार मुआवजे के तौर पर दिये जाने वाले दर का दस प्रतिशत रेट रैयतों को देगी.

कैबिनेट के अन्य फैसले

झारखंड पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण (अनुसूचित, जातियों अनुसूचित जनजातियों एवं पिछड़े वर्गों के लिए) अधिनियम, 2001 में संशोधन हेतु विधेयक, 2018 की घटनोत्तर स्वीकृति दी गयी.

गणेश मंडल एवं अन्य बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य के मामले में पारित न्यायाधीश के क्रम में राज्य के नेत्रहीन एवं शरीर के निचले हिस्से की दिव्यांगता के कारण चलने फिरने में मजबूर एवं मूकबधिर सरकारी सेवकों को परिवहन भत्ता की अनुमान्यता देने की स्वीकृति दी गयी.

पाकुड़ जिला के लिट्टीपाड़ा एवं आसपास के गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए राज्य योजना अंतर्गत स्वीकृत 2016-17 से 2019-20 बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना के शेष बचे हुए कार्यों को वित्तीय वर्ष 2018-19 में NRDWP अंतर्गत पूरा किए जाने की स्वीकृति दी गयी.

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