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अतिक्रमण मामले में कमजोर और गरीब तबके के लोगों पर ही चलता है सीसीएल प्रबंधन का डंडा

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Sanjay

Bermo ; सीसीएल कथारा एरिया में प्रबंधन का डंडा गरीब एवं कमजोर तबके के लोगों पर ही चलता है. जबकि रसूखदारों पर उनके द्वारा की गयी कार्रवाई महज कागजी होती है. ऐसे ही एक मामले में सीसीएल कथारा प्रबंधन की कार्रवाई भूसंपदा पदाधिकारी के द्वारा अतिक्रमण हटाने को लेकर हुई है.

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इविक्शन आर्डर के पांच माह बाद भी एक अवैध निर्माण तोड़ा नहीं जा सका है. फिलहाल मामला न्यायालय में बोकारो डीसी के न्यायालय में है. अतिक्रमण एवं अवैध कब्जा बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के सीसीएल कथारा एरिया के जारंगडीह कोलियरी अंतर्गत गंगोत्री कॉलोनी में हुआ है. कॉलोनी और डीएवी जूनियर विंग स्कूल के बीचो बीच बनाये गये शो-रुम को तोड़ने के लिए कथारा एरिया के भूसंपदाधिकारी मिथिलेश प्रसाद ने 15 फरवरी को इविक्शन आर्डर निकाला था.

निर्माण को 15 दिनों के अंदर तोड़ने या हटा लेने को कहा गया था. आदेश की प्रति देकर शो-रुम के मालिक राजेश जायसवाल से भी रिसीव करवा लिया गया था.

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क्या था आदेश में

भू-संपदा न्यायालय के द्वारा निर्गत परियोजना पदाधिकारी बनाम राजेश जायसवाल के मामले में लिखा गया है कि राजेश जायसवाल द्वारा कब्जा किया गया खाता संख्या-04,35, प्लॉट नंबर-588,589 के परती 750 वर्गफीट जमीन है. इसे अवैध रूप से कब्जा किया गया है. वह पूरी तरह से भारत सरकार के उपक्रम सीसीएल की जमीन है.

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इसके पीछे का कारण यहां डॉक्टरों का वेतन पहले से मौजूद मेडिकल कॉलेजों की तुलना में काफी कम था. संसाधनों की कमी और निजी कारण बताकर डॉक्टर नये मेडिकल कॉलेजों में सेवा देने से पीछे हट रहे हैं.

कब्जा जमीन पर कब्जाधारी अपना हक एवं अधिकार साबित नहीं कर पाया. अतः लोक परिसर अधिनियम 1971 की धारा 5 उपधारा 1 के तहत दिये गये शक्तियों का प्रयोग करते हुए झारखंड उच्च न्यायालय के 8.4.2011 के आदेश के आलोक में राजेश जायसवाल जमीन 15 दिनों के अंदर खाली कर दें. खाली नहीं करने की स्थिति में 15 दिनों के बाद बल प्रयोग से खाली करवा दिया जाएगा.

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आदेश पर अमल नहीं किया पीओ ने

सीसीएल के भूसंपदा पदाधिकारी मिथलेश प्रसाद का कहना  है कि 15 फरवरी को इविक्शन आर्डर निकाले जाने के बाद अक्रिमणकारी को 15 दिनों के अंदर अपना कब्जा हटा लेने का आदेश दिया गया था. समय सीमा बीतने के बाद सीसीएल जारंगडीह परियोजना के पीओ को बलपूर्वक कब्जा हटाना था. परंतु पीओ ने कब्जा नहीं हटाया. उन्होंने कहा कि 15 फरवरी को अंतिम समय सीमा बीतने के बाद भी राजेश जायसवाल ने और समय देने की मांग की थी जिसे प्रबंधन ने मानने से इंकार कर दिया. और वाद संख्या-18/1372 के तहत इविक्शन आर्डर निकाल दिया था. बाद में शो रुम के मालिक एवं सीसीएल की जमीन पर कब्जा करनेवाले राजेश जायसवाल ने बोकारो उपायुक्त के न्यायालय में मामले को लेकर परिवाद दर्ज कर दिया है. मामला फिलहाल न्यायालय में है.

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