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बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई में 200 ट्रैक्‍टरों में से 11 जब्‍त, बाकी फरार

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Pakur/Ranchi: पाकुड़ जिले में धड़ल्‍ले से हो रही बालू ढुलाई पर न्‍यूजविंग में लगातार खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है. इस दौरान प्रशासन को बालू ढुलाई के खिलाफ कार्रवाई में आंशिक सफलता भी मिली है. अवैध बालू ढुलाई के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रविवार को बाबुदाहा बालू घाट में छापामारी कर 11 ट्रैक्‍टरों को जब्‍त किया गया है. वहीं इस दौरान दर्जनों ट्रैक्‍टर चालक अपनी गाड़ियां लेकर फरार होने में सफल हो गये. इस छापामारी अभियान में जिला खनन पदाधिकारी उत्‍तम विश्‍वास, सहायक खनन पदाधिकारी सुरेश शर्मा, महेशपुर सीओ और पुलिस के अधिकारी व जवान शामिल थे.

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न्‍यूजविंग लगातार पाकुड़ के बालू माफियाओं के खिलाफ खबर प्रकाशित कर रहा है और तथ्‍यों के साथ पुख्‍ता जानकारी दे रहा है. अपनी खबरों में हमने वीडियो और तस्‍वीरों के साथ यह बताया था कि किस तरह यहां खनन कानूनों को दरकिनार करते हुए 200 से भी अधिक ट्रैक्‍टरों से बालू की अवैध ढुलाई की जा रही है. हमने अपनी खबर में यह भी बताया था कि किस तरह प्रशासन के लोगों ने बालू माफियाओं को अवैध ढुलाई के लिए खुली छूट दे रखी है. वैसे अधिकारियों पर जिले के उपायुक्‍त से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की जाती है. ऐसे में प्रशासन के छापामारी अभियान में सिर्फ 11 ट्रैक्‍टरों का जब्‍त किया जाना और बाकी ट्रैक्‍टरों का बचकर फरार हो जाना कई तरह के सवाल खड़ा करता है.

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  • अवैध बालू ढुलाई की प्रशासन के पास कितनी जानकारी है
  • मीडिया में खबर आने के बाद की हुई कार्रवाई फेल क्‍यों हुई
  • 200 से अधिक ट्रैक्‍टरों में सिर्फ 11 जब्‍त, बाकी फरार कैसे हो गये
  • क्‍या प्रशासन की छापामारी की तैयारी किसी ने पहले ही लीक कर दी

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इस तरह के तमाम सवाल हैं जो प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी खड़ा होना लाजिमी है. ऐसे में यह सवाल और मजबूती के साथ खड़ा होता है कि जब तक प्रशासन के अंदर के दागी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी.  क्‍या बालू माफियाओं पर नकेल कसने की कोशिशें असरदार नहीं हो सकेंगी.

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