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भाषण में तो सहियाओं की तारीफ में पढ़े गये कसीदें, उसके बाद…..

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Chandan choudhary

Ranchi: नामकुम के भूसुर फुटबॉल मैदान में गुरुवार को स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम का आयोजन बड़े ही धूमधाम से किया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सहियाओं की भूरी-भूरी तारीफ की. लेकिन कार्यक्रम की समाप्ति के बाद जो नजारा था, वह मुख्यमंत्री के संबोधन पर ही प्रश्न खड़े करते हैं. जिन सहियाओं के बूते झारखंड सरकार 96 प्रतिशत शौचालय निर्माण का दावा कर रही थी, उन्ही सहियाओं को एक टाइम का खाना भी सही से उपलब्ध नहीं करा पाई सरकार.

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सहियाओं को खाने में खिचड़ी परोसा गया. उसे पाने के लिए भी सहियाओं को काफी मशक्कत करनी पड़ी. इतना ही नहीं इन सहियाओं के बैठ कर खाने की भी कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी . चिलचिलाती धूप में बैठ इन माताओं-बहनों और इनके साथ आये छोटे बच्चों ने अन्न ग्रहण किया. ज्ञात हो कि कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू शामिल हुए थे.

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दूसरी तरफ भी खाने के लिए थी मारा-मारी

इस कार्यक्रम में शामिल हुए अधिकारी व पदाधिकारी के खाने की व्यवस्था अलग की गई थी. आलम यह था कि खाने को लेकर इनमें भी लूटमारी हो गयी. सरकार द्वारा अधिकरियों के लिए पुरी, कचौरी, पुलाव, मिठाई समेत कई लजीज व्यंजन का इंतजाम किया गया था. लेकिन प्लेट कम पड़ जाने की वजह से लूटमार की स्थिति बन गयी. वही कई पदधिकारिओं को डिब्बाबन्द खाना उपलब्ध कराया गया.

दूर दराज से आई थी महिलाएं

अक्सर इस तरह के सरकारी कार्यक्रम या चुनावी सभा में भीड़ इकट्ठा करने के लिए सरकार हो या विपक्ष सभी दांव पेंच आजमा लेते हैं. बसों और ऑटो में इन महिलाओं को भेड़ बकरी की तरह लाद कर लाते है और मकसद पूरा हो जा के बाद कोई पूछने तक नहीं आता. गुरुवार के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए महिलाओं को दूर दराज, गांवों, कस्बो से लाया गया था. लेकिन खाने-पीने की कोई व्यवस्था नही की गई.

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