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लोकसभा में रूडी ने पूछा- चमकी बुखार के लिए लीची को जिम्मेदार ठहराना साजिश तो नहीं

सदन में उठा बिहार में चमकी बुखार से हो रही बच्चों की मौत का मसला

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New Delhi: बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से हो रही बच्चों की मौत का मामला लोकसभा में उठा. बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने शुक्रवार को लोकसभा में इसे उठाया.

उन्होंने सरकार से इस बात की जांच कराने की मांग की कि चमकी बुखार के पीछे लीची वाकई कारण है या नहीं. या फिर एक्यूट इन्सेफ्लाइटिस सिंड्रोम से बच्चों की मौत के मामले में लीची को जिम्मेदार ठहराना कहीं इस फल को बदनाम करने की साजिश तो नहीं है.

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लीची को कारण बताना साजिश तो नहीं- रूडी

बिहार के सारण से लोकसभा सदस्य राजीव प्रताप रूडी ने शून्यकाल में इस विषय को उठाया और कहा कि मुजफ्फरपुर में हालात बहुत चिंताजनक हैं.

उन्होंने कहा, ‘हमें बताया गया है कि मुजफ्फरपुर में बच्चों द्वारा लीची का सेवन करना इन्सेफ्लाइटिस का कारण हो सकता है. हम बचपन से लीची खा रहे हैं, लेकिन हमें इन्सेफ्लाइटिस नहीं हुआ.’’ रूडी ने कहा कि कुछ भ्रामक जानकारी की वजह से कई लोगों ने लीची खाना और लीची का जूस पीना बंद कर दिया है.

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उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को जांच करानी चाहिए कि मुजफ्फरपुर में एक्यूट इन्सेफ्लाइटिस सिंड्रोम से बच्चों की मौत को लीची खाने से जोड़ना कहीं भारतीय लीची उत्पादक किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र तो नहीं है.’’

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वहीं कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार के लापरवाही पूर्ण रवैये के कारण बिहार में हालात सुधर नहीं रहे और एईएस की वजह से गरीब बच्चों की मौत हो रही है. चौधरी ने यह भी कहा कि बिहार में रोगियों और डॉक्टरों का अनुपात भी बहुत कम है.

अब तक 142 बच्चों की मौत

बिहार में चमकी बुखार ने भयावह रूप ले लिया है. मुजफ्फरपुर जिले में इसका कहर सबसे ज्यादा है. अबतक सूबे में इस बीमारी से 142 बच्चों की मौत होने की खबर है. वहीं बड़ी संख्या में बच्चे अस्पतालों में भर्ती हैं.

हालांकि, विभाग की ओर से जारी आंकड़ों में 136 बच्चों के मौत की पुष्टि की है. विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार एक जून से राज्य में एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के 626 मामले दर्ज हुए. जिसमें 136 बच्चों की जान चली गई.

मुजफ्फरपुर जिले में सबसे अधिक अब तक 117 की मौत हुई हैं. इसके अलावा भागलपुर, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सीतामंढी और समस्तीपुर से मौतों के मामले सामने आये हैं.

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