न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पिछले एक दशक में 384 बाघों का हुआ शिकार, 961 गिरफ्तार

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो द्वारा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत यह जानकारी दी गयी है.

38

 NewDelhi : देश में पिछले एक दशक में 384 बाघों का शिकार किया गया और इस अपराध में शामिल 961 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.  पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो द्वारा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत यह जानकारी दी गयी है.  आरटीआई कार्यकर्ता रंजन तोमर द्वारा मांगी गयी जानकारी के जवाब में ब्यूरो ने विभिन्न राज्यों के वन एवं पुलिस विभाग द्वारा मुहैया कराये गये आंकड़ों के आधार पर बताया कि पिछले दस सालों में 384 बाघ शिकारियों के हाथों में मारे गये.

शिकार में शामिल आरोपियों में से कितने दोषी ठहराये गये और कितने लोगों को सजा हुई, ब्यूरो के पास इसकी जानकारी नहीं है.  इसके लिए ब्यूरो ने बाघ के शिकार के अपराध में दोषी ठहराये गये लोगों का आंकड़ा राज्य सरकारों द्वारा उपलब्ध नहीं कराये जाने की दलील दी है.

इस साल 92 बाघों की मौत

Related Posts

#MultiPurposeIDCard: आधार, DL, वोटर ID सब के लिए एक ही कार्ड- अमित शाह ने दिया प्रस्ताव

2021 की जनगणना होगी डिजिटल, मोबाइल एप के जरिये जुटाये जायेंगे आंकड़ें

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार इस साल अब तक 92 बाघों की मौत हुई.  इनमें से एक भी बाघ शिकारियों के हाथों नहीं मारा गया. प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार इस साल मारे गये बाघों में 10 की मौत प्राकृतिक कारणों से, तीन आपसी संघर्ष में और 79 अन्य कारणों से मारे गये.  वहीं साल 2017 में बाघ की मौत का आंकड़ा 115 था.  इनमें से 15 शिकार के दौरान मारे गये, 31 की प्राकृतिक कारणों से मौत हुई, चार आपसी संघर्ष में मारे गये और 65 की मौत अन्य कारणों से हुई.

इसे भी पढ़ें :  प. बंगाल में अमित शाह की रथ यात्रा पर ब्रेक, ममता सरकार ने नहीं दी इजाजत

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like

you're currently offline

%d bloggers like this: