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खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में बोले दुलत, मोदी सरकार की कश्मीर नीति पूरी तरह से फेल

कश्मीर में आतंकियों को मार कर गिनती गिनाई जा रही है, लेकिन आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के उपाय नहीं खोजे जा रहे हैं.  अब तक लगभग 200 आतंकियों के मारे जाने की खबर है

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Shimla : कश्मीर में आतंकियों को मार कर गिनती गिनाई जा रही है, लेकिन आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के उपाय नहीं खोजे जा रहे हैं.  अब तक लगभग 200 आतंकियों के मारे जाने की खबर है, लेकिन आतंकवाद खत्म नहीं हो रहा है. साथ ही भारतीय सेना को भी जानमाल का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. मोदी सरकार की कश्मीर नीति पूरी तरह से फेल है. यह बात खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के सातवें संस्करण को लेकर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व रॉ प्रमुख अमरजीत सिंह दुलत ने कही. इस अवसर पर दुलत ने मोदी सरकार की कश्मीर नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए सभी को एक मंच पर आने की जरूरत है. साथ ही कहा कि बातचीत से ही कश्मीर मसले का हल हो सकता है. आरोप लगाया कि सर्जिकल स्ट्राइक पर जश्न मना कर सरकार राजनीतिक लाभ लेने के लिए सेना का इस्तेमाल कर रही है.

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खुफिया जानकारियों को गंभीरता से नहीं लिये जाने के कारण मुंबई पर 26/11 का हमला

पूर्व रॉ प्रमुख ने पूर्व पीएम वाजपेयी की नीति को सबसे बेहतर बताया. उनके अनुसार खुफिया जानकारियों को गंभीरता से नहीं लिये जाने के कारण मुंबई पर 26/11 का हमला हुआ. बताया कि खुफिया एजेंसियों ने केंद्र सरकार को सितंबर में ही इस हमले की जानकारी दे दी थी. इस क्रम में पूर्व रॉ प्रमुख अमरजीत सिंह दुलत ने कहा कि अमृतसर में कार्रवाई की गई होती तो हाईजैक किये गये विमान को कंधार जाने से रोका जा सकता था.  कहा कि कमांडो कार्रवाई के लिए तैयार थे, लेकिन पंजाब सरकार खूनखराबा नहीं चाह रही थी. जिसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी. इस क्रम में कहा कि नेपाल से हाइजैक हुए विमान की खुफिया एजेंसियों को कोई जानकारी नहीं थी.

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सीमापार से घुसपैठ, आतंकवादियों की नयी पौध और भारतीय जवानों को हो रहे नुकसान पर चर्चा

शुक्रवार सुबह 11 बजे कसौली क्लब में शुरू हुए लिटफेस्ट में सीमापार से घुसपैठ, आतंकवादियों की नयी पौध और भारतीय जवानों को हो रहे नुकसान के अलावा द पोट्रेट ऑफ केएस पर चर्चा की गयी.  इस सत्र में रेबा सोम, रॉबिन गुप्ता, भाईचंद पटेल और किश्वर देसाई ने चर्चा में भाग लिया.  लिटफेस्ट के पहले दिन कामसूत्र पर खुलकर चर्चा हुई.  लेखक गुरुचरण दास की पुस्तक द रिडल ऑफ डिजायर में उनके अलावा सीमा आंनद ने चर्चा के दौरान कहा कि कामसूत्र जीवन के आचरण सिखाता है.  पुस्तक में कामसूत्र पर जागरूकता भरी जानकारी पेश की गयी है.

सत्र के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे वेलेंटाइन डे को कामसूत्र दिवस में बदलने की वकालत करते हैं.  ऐसा करने से लोग इस दिन को एक रोचक विषय पर चर्चा के रूप में मना सकेंगे.   कार्यक्रम में नवजोत सिंह सिद़धू, माजा दारूवाला, प्रेमशंकर झा, ईरा मुखोती, राना साफवी, सीमा मुस्तफा, संजीवा पांडे, बिक्रम ग्रेवाल, विनय टंडन, डॉ. नरेश, मटरीना मार्टिन, अदिति इनामदार, अनुजा चौहान ने भी विचार रखे.

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