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जून में राष्ट्रीय महिला आयोग को महिलाओं के खिलाफ पिछले आठ महीने में सबसे अधिक 2,043 शिकायतें मिलीं

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New Delhi: राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) को जून में महिलाओं के खिलाफ 2,043 शिकायतें मिली हैं. जो पिछले आठ महीने में सर्वाधिक है. एनसीडब्ल्यू के अनुसार, केवल जून में घरेलू हिंसा की 452 शिकायतें मिलीं. कुल 2,043 शिकायतों में से मानसिक एवं भावनात्मक उत्पीड़न की 603 शिकायतें मिलीं और इन मामलों को ‘सम्मान के साथ जीने के अधिकार’ के तहत दर्ज कराया गया.

आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल सितंबर के बाद से इस साल जून में सर्वाधिक शिकायतें दर्ज की गईं. इससे पहले पिछले साल सितंबर में एनसीडब्ल्यू को 2,379 शिकायतें मिली थीं.

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एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष रेखा शर्मा ने न्यूज एजेंसी पीटीआइ से कहा, ‘शिकायतों की संख्या इसलिए बढ़ी है, क्योंकि अब हम सोशल मीडिया मंचों पर बहुत सक्रिय हैं और हम ट्विटर एवं अन्य सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज कर रहे हैं. हमने मामले दर्ज करने के लिए व्हाट्सएप नंबर मुहैया कराया है, जो पहले उपलब्ध नहीं था. लोग जानते हैं कि हम मदद कर रहे हैं और इसीलिए उन्हें हम पर भरोसा है.’

आंकड़ों के अनुसार, विवाहित महिलाओं के उत्पीड़न एवं दहेज के कारण उत्पीड़न की 252 और महिलाओं के शील भंग एवं उनसे छेड़छाड़ की 194 शिकायतें मिलीं. आयोग को महिलाओं के प्रति पुलिस की बेपरवाही की 113 और महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध की 100 शिकायतें मिलीं हैं.

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आंकड़ों के अनुसार, दुष्कर्म और रेप की कोशिश किये जाने की 78 और यौन उत्पीड़न की 38 शिकायतें जून में मिली हैं. इसके अलावा, जून में आयोग को दहेज के कारण मौत की 27 और ‘विवाह संबंधी चयन के अधिकार या झूठी शान की खातिर हत्या’ के तहत 45 शिकायतें मिली हैं.

शर्मा ने कहा, ‘एनसीडब्ल्यू महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए काम कर रहा है, ताकि वे किसी भी समय और किसी भी दिन उस तक पहुंच सकें.’ आयोग को मई में 1,500, अप्रैल में 800, मार्च में 1,347, फरवरी में 1,424 और जनवरी में 1,462, दिसंबर में 1,402, नवंबर में 1,642 और अक्टूबर में 1,885 शिकायतें मिली थीं.

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