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झारखंड में अब गठित होगा राज्य भू-संपदा नियामक प्राधिकार और अपीलीय न्यायाधीकरण

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  • केंद्रीय आवास और शहरी गरीबी मंत्रालय के निर्देश पर बनाया जा रहा प्राधिकार
  • अध्यक्ष और दो सदस्य समेत 44 पदों पर होगी नियुक्ति
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Ranchi: झारखंड में अब राज्य भू-संपदा नियामक प्राधिकार और भू-संपदा अपीलीय न्यायाधीकरण का गठन किया जायेगा. नगर विकास एवं आवास विभाग के एक एजेंसी के रूप में प्राधिकार काम करेगा. प्राधिकार के अध्यक्ष के पद पर मुख्य न्यायाधीश अथवा उनके द्वारा नामित सदस्य की अध्यक्षता में गठित समिति की अनुशंसा के आधार पर की जायेगी.

प्राधिकार में दो सदस्य भी होंगे. अध्यक्ष के पद पर हाईकोर्ट के कार्यरत अथवा सेवानिवृत न्यायाधीश की नियुक्ति की जायेगी. दो सदस्यों में से एक सदस्य न्यायिक सेवा के होंगे, तथा दूसरे तकनीकी अथवा प्रशासनिक सेवा संवर्ग से होंगे.

रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार, रांची में कार्यरत अपीलीय न्यायाधीकरण को झारखंड भू-संपदा अपीलीय न्यायाधीकरण के रूप में मान्यता दी जायेगी. प्राधिकार के कार्यों को निबटाने के लिए सरकार के पदवर्ग समिति की तरफ से 44 विभिन्न पदों की स्वीकृति दी गयी है. केंद्रीय आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय के भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 के तहत प्राधिकार गठित किया गया है.

44 पदों पर सलाना 1.32 करोड़ रुपये होंगे खर्च

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प्राधिकार के 44 पदों में अध्यक्ष और सदस्यों के मानदेय और वेतन भत्ते में सलाना 1.32 करोड़ से अधिक खर्च होगा. प्राधिकार में अलग-अलग कोषांग गठित होंगे. इनके लिए निजी सहायक, स्टेनोग्राफर, कंप्यूटर ऑपरेटर और अनुसेवकों तथा सफाई कर्मियों की बहाली होगी.

अपर समाहर्ता और इसके समकक्ष स्तर के अधिकारी प्राधिकार के सचिव होंगे. इनके अलावा प्रशासी पदाधिकारी, सूचना सहायक और निम्नवर्गीय लिपिक भी बहाल किये जायेंगे. प्राधिकार में वित्त विभाग, विधि विभाग, तकनीकी विभाग, एडुकेटिंग सेक्शन भी कार्य करेंगे. इतना ही नहीं प्राधिकार और न्यायाधीकरण के लिए छह गाड़ियां भी आउटसोर्सिंग के जरिये रखी जायेंगी.

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