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झारखंड में अब तक मात्र 30 फीसदी को डबल डोज, टीकाकरण की धीमी गति पर भाजपा ने उठाये सवाल

Ranchi: भारतीय जनता पार्टी के मुताबिक कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है. बावजूद इसके झारखंड में टीकाकरण सबसे निचले स्तर पर है. इसके लिए अभियान तेज करने की जरूरत है. प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश ने मंगलवार को कहा कि कोरोना से बचाव में वैक्सीन ही सर्वोत्तम उपाय है. इसे देखते हुए भाजपा और इसके गठबंधन प्रदेशों में 60 से 90 फीसदी तक डबल डोज वैक्सीनेशन हो चुका है.

सिंगल डोज 80 से 100 फीसदी तक कर दिया गया है. झारखंड डबल डोज के मामले में सबसे निचले स्तर पर है. यहां अब तक मात्र 30 फीसदी डबल व 66 फीसदी सिंगल डोज ही दिया जा सका है. यह चिंतनीय है.

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सुरक्षा में लापरवाही बरत रही सरकार

दीपक प्रकाश के मुताबिक हेमन्त सरकार कोरोना सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरत रही है. सरकार की विफलता है कि देश में टीकाकरण सबसे निचले स्तर पर झारखंड है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के नए वेरियंट ओमिक्रोन को विश्व के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया है. यह पूरे दुनिया में तेजी से फैल सकता है. बावजूद इसके हेमन्त सरकार कोरोना जांच व वैक्सिनेसन अभियान में सुस्त चाल में चल रही है.

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कोविड जांच मशीन की खरीद नहीं होना गहरा सवाल

दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रान के बाद से केंद्र सरकार अलर्ट पर है. परंतु झारखंड सरकार लापरवाह है. कोरोना के वैरिएंट का पता करने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन आवश्यक है. मशीन खरीदने से संबंधित फाइल 6 माह से रिम्स में अटकी हुई है.

इस कारण वायरस के नए वैरिएंट का पता करने के लिए पुणे पर निर्भर रहना पड़ता है. जब तक वहां से कोरोना मरीज के वैरिएंट का पता चलेगा, तब तक नया वैरिएंट झारखंड को अपनी चपेट में ले सकता है. झारखंड सरकार और रिम्स प्रबंधन को कुंभकर्णी नींद से जाग जाना चाहिए.

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