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बड़कागांव थाने में बुलाकर बेरहमी से पीटा, मुंशी लाइन हाजिर, दारोगा पर लगे आरोपों की जांच

Hazaribagh: जिले की चौपारण थाना पुलिस पर एक युवक की पिटाई से मौत मामले की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई है, अब बड़कागांव पुलिस पर इसी तरह का आरोप लगा है. मामला 14 जून का है. बड़कागांव थाना पुलिस ने एससी-एसटी केस में पूछताछ के लिये साढ़ निवासी जनार्दन प्रसाद कुशवाहा को बुलाया था. अब कुशवाहा ने थाने के दरोगा अमित कुमार सोनू और मुंशी शहजाद अंसारी पर मारपीट करने का आरोप लगाया है. मामले में परिजनों के पास पिटाई की वीडियो भी है. बताया जा रहा है कि वीडियो के आने के बाद मुंशी को लाइन हाजिर कर दिया गया है. वहीं दरोगा पर लगे आरोपों की जांच की जा रही है.

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पीड़ित का जो वीडियो सामने आया है उसमें कहा गया है कि उसके द्वारा किसी जातिसूचक शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है. यह भी कहा है कि जांच के नाम पर थाना बुलाकर बिना किसी पूछताछ के पीटना गलत है. मामले में बड़कागाव थाना प्रभारी हिमांशु का कहना है कि 14 जून का मामला है,मामले की जांच की जा रही है. तत्काल मुंशी को निलंबित कर दिया गया है वही दरोगा की संलिप्तता की जांच की जा रही है.

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जांच की दिशा क्या होगी यह तो रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा, लेकिन जिस तरह चौपारण पुलिस की पिटाई से एक युवक की मौत की जांच इतने महीनों बाद भी नही हो सकी है, इससे तो पता चलता है कि पुलिस कितनी निष्पक्षता के साथ जांच कर रही है.

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जनार्दन कुशवाहा ने बताया कि 14 जून को बड़कागांव थाना ने फोन करके किसी मामले में पूछताछ के लिए थाना बुलाया. थाना पहुंचते ही एसआई कुमार सोनू ने मुंशी शहजाद अंसारी के साथ मिलकर बिना कोई पूछताछ के पीटने लगे और इतना पीटा की आंख से आंसू बहना भी बंद हो गया. जनार्दन पासवान के शरीर पर पिटाई के निशान भी हैं.

 

जनार्दन ने कहा कि मुझ पर विशेष जाति को आपत्तिजनक शब्द कहे जाने का आरोप लगाया गया है .अगर आरोप सही है तो कोई भी सजा भुगतने के लिए तैयार हूं लेकिन बिना आरोप सिद्ध हुए थाना बुलाकर पीटने का कहां तक सही है.पीड़ित परिवार ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है कि मुझे भी जीने दिया जाए. पीड़ित परिवार इस घटना के बाद से डरा-सहमा है.

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