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जीएसटी काउंसिल की बैठक : छोटे कारोबारियों के लिए राहत का पिटारा खुला

जैसी कि जानकारी आ रही है, अब 40 लाख रुपये तक के सालाना टर्नओवर पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा. पहले यह सीमा 20 लाख रुपए थी. अब इन छोटे कारोबारियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन का झंझट नहीं रहेगा.

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NewDelhi : आज 10 जनवरी को आयेाजित जीएसटी काउंसिल की 32वीं बैठक  वित्तमंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई.  बैठक छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर लेकर आयी है. सूत्रों के अनुसार जीएसटी काउंसिल की बैठक में GST रजिस्ट्रेशन का दायरा बढ़ाने पर सहमति बन गयी है. जैसी कि जानकारी आ रही है, अब 40 लाख रुपये तक के सालाना टर्नओवर पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा. पहले यह सीमा 20 लाख रुपए थी. अब इन छोटे कारोबारियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन का झंझट नहीं रहेगा. साथ ही जीएसटी काउंसिल ने कंपोजिशन स्कीम की सीमा बढ़ाने की औपचारिक मंजूरी दे दी है. कंपोजिशन स्कीम की सीमा 1.5 करोड़ रुपये करने को मंजूरी मिली है. अभी तक सीमा एक करोड़ रुपए थी.  स्कीम पर बदलाव एक अप्रैल 2019 से लागू होगा. बता दें कि वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ल की अध्यक्षता में पिछले सप़्ताह हुई समिति की बेठक में सहमति बनी थी इसके अलावा जीएसटी काउंसिल ने एसएमई को वार्षिक रिटर्न फाइल करने की छूट दे दी. हालांकि इन छोटे कारोबारियों को हर तिमाही टैक्स भरना होगा.

काउंसिल की बैठक से जुड़े फैसलों का एलान होना बाकी है

पहले इनको हर तिमाही में रिटर्न भी भरना होता था. हालांकि जीएसटी काउंसिल की बैठक से जुड़े  फैसलों का एलान होना बाकी है. यह सभी खबरें सूत्रों के हवाले से है.  जीएसटी काउंसिल की बैठक खत्म होते ही सभी फैसलों का एलान होगा. बता दें कि जीएसटी से जुड़े हुए सभी मामलों पर फैसला जीएसटी काउंसिल ही लेती है.  पिछली बैठक में 26 चीजों पर टैक्स की दर को कम किया गया था.  आज आपदा सेस लगाने को भी जीएसटी काउंसिल मंजूरी दे सकती है;  ये छूट केरल को मिल सकती है.  केरल को एक फीसदी सेस लगाने की छूट दी जा सकती है. इसके अलावा अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट और मकान पर जीएसटी को घटाकर 5 फीसदी किया जा सकता है. सूत्रों के अनुयसार दिसंबर में सरकार को जीएसटी के जरिए 94,726 करोड़ रुपए का कलेक्शन मिला है.

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