Corona_UpdatesGiridihJharkhand

गिरिडीह में कोरोना ने दोबारा पांव फैलाया, जिले में कोरोना के 10 नये केस

Giridih: महामारी कोरोना ने एक बार फिर गिरिडीह में पांव फैलाना शुरू कर दिया है. अनलॉक की प्रकिया के साथ त्योहारों में मिली छूट के बाद स्वास्थ विभाग ने करीब दो माह बाद पिछले पांच दिनों का रिकार्ड जारी किया. स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ो के अनुसार 10 कोरोना संक्रमित जिले में पाये गये हैं.

Jharkhand Rai

अब स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ गयी है क्योंकि कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन लोगों ने किसी त्योहार के दौरान नहीं किया. यही हाल समान्य दिनों का भी है. कुछ फीसदी लोग ही नियमों का पालन कर मास्क पहन रहे हैं और समाजिक दूरी के नियम को मान रहे हैं.

पांच दिनों के भीतर 10 नये कोरोना के मामले सामने आने से सिविल सर्जन डॉ सिद्धार्थ सन्याल ने भी चिकित्सकों और स्वास्थ कर्मियों को अब अलर्ट मोड में रहने का सुझाव दिया जिससे हालात पर नजर रखने के साथ स्थिति को संभाला जा सके.

इसे भी पढ़ें – सरकार को धान बेचने पर किसानों के खाते में तत्काल आ जायेगी आधी राशि

Samford

वैसे स्वास्थ्य विभाग पांच दिनों के भीतर आये 10 केस को फिलहाल हालात समान्य ही बता रहा है लेकिन यह मान भी रहा है कि अगर लापरवाही इसी प्रकार बढ़ती गयी तो परेशानी बढ़ सकती है.

इधर 10 नये केसों में सदर प्रखंड में चार, तो गांडेय से 1, बिरनी से 1, देवरी से 2 के अलावे और नये केस शामिल हैं. स्वास्थ विभाग के अनुसार सदर प्रखंड के शहरी क्षेत्र के बरगंडा से दो संक्रमित मिले हैं तो पचंबा के कल्याणडीह से एक नया केस सामने आया.

इसी प्रकार शहरी क्षेत्र के एक बस मालिक के रिश्तेदार भी कोरोना संक्रमित पाये गये जबकि एक कोयला कारोबारी के भी संक्रमित होने की बात कही जा रही है. हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

पिछले पांच दिनों में आये 10 केसों में बरगंडा के एक संक्रमित से संपर्क नहीं हो पाया है. वहीं छह संक्रमितों को जिला मुख्यालय के बदडीहा स्थित कोविड-19 हॉस्पिटल के अलावे बगोदर और गांवा के कोविड-19 हॉस्पिटल में भर्ती कर दिया गया है जबकि दो और संक्रमितों को होम आइसोलेशन में रहने का सुझाव दिया गया.

सिविल सर्जन के अनुसार जिले में फिलहाल एक्टिव केसों की संख्या 19 के करीब है. इसमें एक संक्रमित की स्थिति गंभीर देखकर उन्हें बेहतर इलाज के लिए धनबाद रेफर किया गया. स्वास्थ विभाग के सूत्रों की मानें तो त्योहारों के लगातार अवकाश के कारण सही तरीके से कोरोना के संदिग्धों की जांच नहीं की गयी. अब भी धनबाद में काफी सैंपल पैंडिग पड़े हुए हैं जिनके रिपोर्ट आनी बाकी है.

इसे भी पढ़ें – संतोष यादव से माओवादी आलोक बनने की कहानी, 14 साल की उम्र में जुड़ गया था मर्डर केस में नाम

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: