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दुमका : मंत्री के आवास के बाहर पारा शिक्षक की मौत, हेमंत ने ट्वीट किया- जनता भूख से मर रही है और सीएम उसके पैसे से विदेश में कर रहे मनोरंजन

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  • मंत्री डॉ लुईस मरांड के आवास के बाहर धरने पर बैठे थे रामगढ़ के पारा शिक्षक कंचन दास
  • रात में खुले में ही सो गये, ठंड लगने से मौत जाने का किया जा रहा दावा

Ranchi : झारखंड के दुमका में समाज कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी के आवास के बाहर धरने पर बैठे पारा शिक्षक कंचन दास की रविवार को मौत हो गयी. पारा शिक्षक कंचन दास एक महीने से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे. पारा शिक्षक की मौत के बाद प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर कहा है कि पारा शिक्षकों की वाजिब आवाज को दबाने के लिए सरकार हर हथकंडा अपना रही है. झारखंड सरकार को पारा शिक्षकों की मांग पर यथाशीघ्र उचित निर्णय लेकर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए. हेमंत सोरेन ने ट्वीट करते हुए यह भी लिखा है कि झारखंड सरकार का सौतेला व्यवहार राज्य की शिक्षा व्यवस्था को रसातल में ले जा रहा है. वहीं, दूसरी तरफ माननीय विदेश यात्रा के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई को लुटाकर मनोरंजन कर रहे हैं और इधर जनता भूख से मर रही है. हेमंत सोरेन ने अपने ट्वीट में कहा है कि सरकार को पारा शिक्षकों की मांग पर यथाशीघ्र उचित निर्णय लेकर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए.

यह है हेमंत सोरेन का ट्वीट

पारा शिक्षकों ने मंत्री के आवास के बाहर शव के साथ किया प्रदर्शन

इधर, पारा शिक्षक कंचन दास की मौत की सूचना के बाद सभी पारा शिक्षक मंत्री डॉ लुईस मरांडी के आवास के पास पहुंच गये. सभी ने पारा शिक्षक कंचन दास के शव के साथ मंत्री डॉ लुईस मरांडी के शव के साथ प्रदर्शन किया. इस दौरान मंत्री के आवास के पास सुरक्षाबल भी तैनात कर दिये गये थे.

दुमका : मंत्री के आवास के बाहर पारा शिक्षक की मौत, हेमंत ने ट्वीट किया- जनता भूख से मर रही है और सीएम उसके पैसे से विदेश में कर रहे मनोरंजन

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संघर्ष मोर्चा ने 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी की मांग की

पारा शिक्षक कंचन दास की मौत के बाद एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने सरकार से मुआवजे की मांग की है. मोर्चा ने 25 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है. पारा शिक्षक कंचन दास रामगढ़ प्रखंड में पदस्थापित थे. मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को दिन भर धरने पर बैठने के बाद कंचन दास रात को मंत्री डॉ लुईस मरांडी के घर के बाहर खुले में ही सो गये थे. बताया जा रहा है कि इससे उन्हें ठंड लग गयी और ठंड लगने से ही उनकी मौत हो गयी.

15 नवंबर से धरना पर हैं पारा शिक्षक

पारा शिक्षक 15 नवंबर से अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. सभी जिलों में सांसद व मंत्रियों के घर के बाहर धरना दे रहे हैं. पारा शिक्षकों की मांग है कि इन्हें सरकार साधारण सरकारी शिक्षक को मिलनेवाला मानदेय दे और इनकी नौकरी स्थायी कर दे. सरकार और पारा टीचर दोनों अपनी-अपनी जिद पर अड़े हुए हैं.

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