Bihar

औरंगाबाद में नल-जल योजना में लूट-खसोट, ग्रामीणों ने वार्ड सदस्य पर लगाया गबन का आरोप

Aurangabad : एक तरफ बिहार सरकार नल जल योजना के माध्यम से हर घर में जल पहुंचाने के लिए कटिबद्ध है वहीं औरंगाबाद में इस योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही है. यह मामला है बारुण प्रखंड की खैरा पंचायत के वार्ड नंबर 3 का. जहां नल जल योजना के तहत 9 लाख 27 हजार रुपये की लागत से बोरिंग और अंडरग्राउंड पाइप लाइन का निर्माण होना था.

जिसकी राशि बिहार सरकार द्वारा वार्ड सदस्य के सरकारी खाते में भेज भी दी गयी. लेकिन इस योजना में घोर लापरवाही बरती गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि आज तीन वर्ष गुजर गये लेकिन यह योजना आज भी अधूरी है. जबकि योजना निर्माण की राशि को मुखिया सचिव और वार्ड सदस्य के द्वारा मिल कर आपस मे बांट लिया गया.

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ग्रामीणों ने यह भी बताया कि किसी भी घरो में पानी नहीं पहुंचाई गयी है. यह तक कि इसी वार्ड में आँगन बाड़ी स्कूल और पंचायत भवन भी है. लेकिन वहां भी पानी नहीं पहुंचाया गया है. हालांकि कुछ घरों में पाइप लगाये गए है. और नल भी हुई है. लेकिन पानी नदारत है. लोगों को कभी भी पानी नही मिल पाया.

इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने इसकी शिकायत प्रखंड से लेकर जिला कार्यालय तक की. लेकिन आजतक किसी भी अधिकारी के द्वारा इसकी खबर नहीं ली गयी. आम जनता के लिए लाखों रुपये का दुरुपयोग किया गया जो अब किसी काम का नहीं है. अब ग्रामीणों ने थक हारकर मीडिया का दरवाजा खटखटाया है. मीडिया के माध्यम से ग्रामीण अपनी आवाज को बिहार सरकार के कानों तक पहुंचाने की कोशिश की है. ताकि इस योजना कि जांच हो सके और ग्रामीणों को पीने के लिए पानी नसीब हो.

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