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अरूण हत्याकांड के पांच महीने बाद भी अंधेरे में तीर चला रही पुलिस, 5 करोड़ के लिये हुई थी हत्या  

अरुण हत्याकांड में 5 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद भी पुलिस के हाथ अबतक खाली हैं.

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Ranchi : चुटिया थाना क्षेत्र के रहने वाले रांची विश्वविद्यालय के रिटायर कर्मचारी अरुण नाग हत्याकांड के पांच महीने बीत गये हैं और पुसिस इस गुत्थी को अबतक नहीं सुलझा पायी है. अरुण हत्याकांड में 5 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद भी पुलिस के हाथ अबतक खाली हैं. मालूम हो कि 15 मई को स्कूटी पर सवार दो अपराधियों ने अरूण को गोली मारकर हत्या कर दी थी.

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 कैसे हुई हत्या

ये 15 मई को दिन के करीब 3.30 बजे की है. अपराधियों ने चुटिया थाने से महज 400 मीटर की दूरी पर स्थित अरुण नाग को घर में घुसकर गोली मार दी थी. अरुण नाग रांची विश्वविद्यालय से क्लर्क के पद से नौ माह पहले सेवानिवृत्त हुए थे. दरअसल जिस घर में अरुण नाग अपने परिवार के साथ रह रहे थे. उसे कुछ दलालों और दबंग किस्म के लोगों ने फर्जी दस्तावेज के सहारे पहले ही बेच दिया था. जब इसकी जानकारी अरूण को हुई तो वे कोर्ट की शरण में गये. लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हाल ही में उन्होंने अपने घर पर फिर से मालिकाना हक हासिल किया था. लेकिन इसके कुछ दिन बाद ही अपराधियों ने उनकी हत्या कर दी.

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 पांच करोड़ के लिए हुई हत्या

चुटिया थाना क्षेत्र के पावर हाउस के समीप रहने वाले रिटायर्ड कर्मचारी अरुण नाग की हत्या पांच करोड़ रुपए के लिए की गयी थी. पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि अरुण नाग की हत्या के पीछे नामकुम निवासी राजेश नायक का हाथ है. जांच में यह बात भी सामने आयी है कि अरुण नाग के पास जितनी जमीन थी, उसकी पावर ऑफ एटॉर्नी राजेश नायक के पास था. राजेश नायक को पुलिस पकड़ने उसके घर गई तो वह फरार था. मामले के इतने करीब होने के बाद भी पांच महीने में पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पायी है.

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 छोटू साव के हत्यारे भी पुलिस की पकड़ से दूर

वहीं इससे पहले साल 2016 में चुटिया पावर हाउस के पास छोटू साव की हत्या कर दब गयी थी. छोटू साव की हत्या में पीएलएफआई की संलिप्तता की बात भी सामने आयी थी. इस हत्याकांड को भी दो साल से ज्यादा हो गये, लेकिन चुटिया पुलिस अब तक इस मामले में भी कोई खुलासा नहीं कर पायी है.

 छोटू साव को भी घर के पास मारी गई थी गोली

19 फरवरी 2016 को चुटिया पावर हाउस निवासी जमीन कारोबारी नरेश साहू उर्फ छोटू को भी अपराधियों ने घर के पास ही गोली मारी थी. गोली छोटू के सिर  में लगी थी. छोटू साव के भाई मिट्ठू साहू गोली की आवाज सुनते ही दौड़ पड़ा था, लेकिन बाइक पर आये तीन बदमाश गोली मारते ही फरार हो गये. परिजन जख्मी हालत में छोटू साव को गुरुनानक अस्पताल लेकर गये. लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था.

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