Jamshedpur

एनएच की सभी कंपनियों में 75 फीसदी झारखंडी मजदूरों को काम नहीं मिलने पर होगा आंदोलन

Jamshedpur : मजदूरों की समस्या और उसका समाधान कैसे हो इस विषय पर झारखंड जनतांत्रिक मजदूर महासभा की और से परिचर्चा का आयोजन नेशनल हाइवे पलासबनी पंचायत भवन में किया गया. मौके पर वक्ताओं के ने कहा कि आज जिस प्रकार से सरकार और कारखाना मालिकों का मनमानी बढ़ रही है. इसके लिए सभी मजदूरों को एकजूट होकर आंदोलन करने की आवश्यकता है. इसका सबसे बड़ा कारण मजदूरों को अपने हक और अधिकारों के बारे अनभिज्ञ हैं. पहले झारखंडी जनमानस खेती किसानी का काम करते थे. मजदूरी करने वालों की संख्या झारखंडी मजदूरों का ही ज्यादा है. दुर्भाग्य यह है कि झारखंडी मजदूरों का नेता झारखंड लोग नहीं बन पाते हैं या नहीं बनने दिया जाता है. इसलिए यही झारखंडी मजदूर हैं तो उसका नेता भी झारखंडी ही होगा.

इन मुद्दों पर हुई परिचर्चा

नेशनल हाइवे की सभी कंपनियों में 75% झारखंडी मजदूरों को काम देने, सभी मजदूरों को पीएफ देने,  ईएसआई और गेट पास बनाने, सभी कुशल और अकुशल मजदूरों को उनकी योग्यता के अनुसार वेतन देने संबंधी विषय शामिल हैं. बैठक में इन सभी गतिविधियों के लिए 17 महिला और पुरुषों का एक संचालन समिति भी बनाई गई.

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परिचर्चा में ये थे मौजूद

मौके पर सुनील हेम्ब्रम, दीपक रंजीत, संजय कर्मकार, सुमित कु० कर, गोपाल, सोहन टुडू, विश्वनाथ, रुष धिबर, राजाराम मुर्मू, धनंजय सिंह, सन्तोष महतो, दामन सिंह, मेघनाथ टुडू, कृष्णा लोहार, बादल धोरा, अजित तिर्की, मलिन मुर्मू, जैकोब किस्कु, सलगे माण्डी, सुमित्रा टुडू, जानकी मुर्मू, सुशीला टुडू, नोगेन सोरेन, बीरेश धिबर, सुविता टुडू, सुनीता टुडू, सावित्री टुडू, चैतन माण्डी, संदीप पाल, प्रेमलता सिंह, नयन धीबर, सनातन टुडू, मनसाराम हांसदा, जीतू हेम्ब्रम, उदय धर आदि मौजूद थे.

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